Israel Election Results: क्या हाथ से निकल जाएगी नेतन्याहू की सत्ता? एग्जिट पोल ने बढ़ाई हलचल

इजरायल चुनाव के एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइसेनकोट के खेमे के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। 120 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें जरूरी हैं। अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों की भूमिका सरकार गठन में अहम हो सकती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 October 2026, 12:25 PM IST

Israel: इजरायल के संसदीय चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। एग्जिट पोल के अनुमानों में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी एकल पार्टी बनकर उभर सकती है, लेकिन विपक्षी गठबंधन भी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। ऐसे में अब सबकी निगाहें अंतिम नतीजों और सरकार बनाने के लिए होने वाली राजनीतिक बातचीत पर टिकी हैं।

Israel Election Exit Polls: बहुमत से दूर दिख रहे दोनों खेमे

इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। शुरुआती एग्जिट पोल के मुताबिक, नेतन्याहू के गठबंधन को करीब 50 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे को 52 से 53 सीटें मिल सकती हैं। अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों को 17 से 18 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

हालांकि, अलग-अलग न्यूज चैनलों के अनुमानों में अंतर है। इसलिए इन आंकड़ों को अंतिम चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता।

Likud सबसे बड़ी पार्टी, फिर भी सरकार बनाना चुनौती

एग्जिट पोल के अनुसार, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी एकल पार्टी बन सकती है। वहीं, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइसेनकोट की यशार पार्टी विपक्ष की प्रमुख ताकत के रूप में उभर रही है।

अलग-अलग चैनलों के अनुमानों में लिकुड को लगभग 24 से 27 सीटें और यशार को करीब 20 से 23 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। लेकिन किसी पार्टी का सबसे बड़ा दल बनना और पूरे गठबंधन का बहुमत हासिल करना अलग-अलग बातें हैं। सरकार बनाने के लिए छोटे दलों का समर्थन अहम साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Img: X)

Arab Parties की भूमिका क्यों होगी अहम?

अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों की सीटें सरकार गठन के समीकरण को प्रभावित कर सकती हैं। यदि विपक्षी गठबंधन बहुमत से दूर रहता है, तो उसे बाहरी समर्थन या अन्य दलों के सहयोग की जरूरत पड़ सकती है।

हालांकि, इन पार्टियों के साथ औपचारिक गठबंधन को लेकर प्रमुख राजनीतिक खेमों की ओर से आपत्तियां सामने आती रही हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतिम नतीजों के बाद कौन-से दल किसे समर्थन देते हैं।

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Netanyahu का राजनीतिक भविष्य किस ओर?

एग्जिट पोल के संकेत बताते हैं कि इजरायल में सरकार बनाने के लिए लंबी बातचीत हो सकती है। यदि कोई भी पक्ष बहुमत नहीं जुटा पाता, तो राजनीतिक गतिरोध बढ़ने और नए चुनाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल नेतन्याहू की सत्ता पर अंतिम फैसला एग्जिट पोल से नहीं, बल्कि आधिकारिक नतीजों और गठबंधन बनाने की प्रक्रिया से तय होगा। इसलिए आने वाले दिनों में छोटे दलों का रुख और दोनों प्रमुख खेमों की रणनीति बेहद अहम रहने वाली है।

Location :  New Delhi

Published :  28 October 2026, 12:25 PM IST