ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव के हालत लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदर्शन की आग पाकिस्तान समेत कई देशों तक पहुंच चुकी है। इस बीच इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध में ये देश हुए शामिल
New Delhi: ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव के हालत लगातार बढ़ रहे हैं। हमले के बाद प्रदर्शन की आग पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों तक पहुंच चुकी है। कई मुस्लिम देश अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस बीच इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तीन यूरोपीय देश फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन भी अपने सहयोगी देशों के साथ युद्ध में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए जरूरी डिफेंसिव एक्शन लेंगे। वे अमेरिका-इजरायल के साथ मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा ईरान के हमलों से खाड़ी देश प्रभावित हुए हैं और युद्ध का दायरा बढ़ सकता है। फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वे अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए जरूरी डिफेंसिव एक्शन लेंगे। वे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को स्रोत से ही नष्ट करने के लिए कदम उठा सकते हैं।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर बड़े हमले किए। ईरान ने इसका बदला लेने के लिए कई गल्फ देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। अब स्थिति बहुत गंभीर हो गई है।
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ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद मिडिर ईस्ट में तनाव के हालत पैदा हो गए हैं। प्रदर्शन की आग पाकिस्तान समेत कई देशों तक पहुंच चुकी है। कई मुस्लिम देश अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस हमले पर कई देशी-विदेशी नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि अमेरिका को ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के लिए करने दिया जाएगा, ताकि पूरे क्षेत्र में आगे होने वाले हमलों को रोका जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर हुए शुरुआती अमेरिका-इजरायल हमलों में ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं थी और वह ‘अब किसी भी आक्रामक कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। स्टारमर ने कहा कि यह कदम ‘सामूहिक आत्मरक्षा’ के सिद्धांत पर आधारित है और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है।
इन देशों ने की ईरान के हमलों की निंदा
अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और UAE ने संयुक्त बयान जारी किया है। सातों देशों ने मिडिल ईस्ट में ईरान के 'बिना सोचे-समझे और लापरवाही से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों' की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इन 'गलत हमलों' ने 'इलाके को निशाना बनाया है, आम लोगों को खतरे में डाला है, और आम बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है।