अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा। इजराइल ने 24 घंटे में 1,200 बम गिराए। यहां पढ़ें युद्ध से जुड़ी पूरी अपडेट

24 घंटे में इजराइल का बमों का हमला
Tehran: शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट में मिलिट्री तनाव बढ़ गया। इजराइल ने कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी नेतृत्व में पहले से योजना बनाकर किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन’ के रूप में बताया। ईरान के कई हिस्सों में धमाके सुने गए और मिडिल ईस्ट के देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया।
ईरान ने कहा कि वह अपनी रक्षा करेगा और लड़ता रहेगा। उसने इजराइल और मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान को यमन के हुती विद्रोहियों और लेबनान के हिजबुल्ला का समर्थन प्राप्त है।
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इजराइल की वायु सेना ने बताया कि पिछले 24 घंटे में उसने अमेरिका के सहयोग से ईरान पर 1,200 से अधिक बम गिराए। इस हमले में मीनाब शहर के प्राइमरी स्कूल को भी निशाना बनाया गया, जहां 148 छात्राओं की मौत और दर्जनों घायल हुए।
ईरान में सुरक्षा संकट गहरा (Img Source: Google)
अमेरिका और इजराइल ने दावा किया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे जा चुके हैं। ईरानी स्टेट मीडिया ने इस दावे की पुष्टि की। यह घटना मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा रही है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने कहा कि स्कूल पर हमला निर्दोष बच्चों की हत्या है और इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यदि अभी ईरान को नहीं रोका गया तो वह अजेय हो जाएगा। वर्तमान में मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति अस्थिर बनी हुई है।
मिडिल ईस्ट में इस संघर्ष ने वैश्विक राजनीति और आर्थिक स्थिरता पर असर डाला है। कई देशों ने अपने नागरिकों को चेतावनी जारी की है और युद्ध के संभावित बढ़ने की आशंका जताई है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई ने मिडिल ईस्ट को युद्ध की कगार पर ला दिया है। स्कूल हमले और खामेनेई की मौत ने इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है, जबकि दुनिया भर के निवेशक और सरकारें स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।