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मार्को रुबियो (Img: Pinterest)
New Delhi: भारत दौरे से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं और इसके काफी करीब पहुंच चुके हैं।
रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं। इस समझौते से व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी समझौते पर अंतिम मुहर लगना बाकी है। इसलिए यह देखना अहम होगा कि बातचीत के बाद दोनों देश किन शर्तों पर सहमत होते हैं।
भारत-अमेरिका बातचीत में रूस से तेल और गैस खरीदने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर अमेरिका पहले भी भारत के सामने अपनी चिंताएं रख चुका है। अब रुबियो ने इस विषय पर बात करते हुए माना कि ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर प्रतिबंधों का असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए कुछ प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी। उनके मुताबिक, विदेश नीति से जुड़े फैसले लेते समय कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है। रुबियो ने यह भी कहा कि कुछ देशों के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत तलाशना आसान नहीं होता। भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध संसाधन भी ऐसे फैसलों को प्रभावित करते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन परिस्थितियों को बहाना नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि नीतिगत फैसलों में सभी पहलुओं के बीच संतुलन जरूरी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 19 से 22 अक्टूबर 2026 तक भारत दौरे पर हैं। इस दौरान 20 अक्टूबर को मुंबई में उनकी मुलाकात भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से निर्धारित है। समाचार एजेंसी के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। बातचीत में व्यापार और ऊर्जा के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े दूसरे विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
दोनों देशों के बीच यह बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में बैठक के नतीजे दोनों देशों के भविष्य के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
रुबियो से मुलाकात से पहले एस. जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात करेंगे। UAE के विदेश मंत्री भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में UAE के विदेश मंत्री की मेजबानी करेंगे। इसके अलावा, 20 अक्टूबर को वह अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ बातचीत करेंगे। रुबियो अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रम में भी अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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विदेश मामलों के विशेषज्ञ रॉबिंदर सचदेव के मुताबिक, रुबियो की भारत यात्रा के पीछे आर्थिक और राजनीतिक उद्देश्य भी हैं। इसमें कॉर्पोरेट निवेश और अमेरिका के आगामी मध्यावधि राजनीतिक घटनाक्रम जैसे पहलू महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ा सकता है। लेकिन रूस से ऊर्जा खरीद, व्यापार की शर्तों और वैश्विक परिस्थितियों जैसे मुद्दों पर सहमति बनाना भी जरूरी होगा। फिलहाल, रुबियो के बयान से संकेत मिलता है कि बातचीत आगे बढ़ रही है। अब सबकी नजर 20 अक्टूबर को होने वाली बैठक और उसके बाद सामने आने वाले आधिकारिक बयानों पर रहेगी।
Location : New Delhi
Published : 19 October 2026, 2:38 PM IST