
भारत से अमेरिका लाया गया मनजीत बेदी (Img- X)
New Delhi: भारत में गिरफ्तार किए गए मनजीत सिंह बेदी को अमेरिका वापस लाया गया है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी। बेदी पर अमेरिकी सरकार के पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (SNAP) से 6 लाख डॉलर यानी करीब 5.68 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस मामले में अब उन्हें अमेरिका में कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
एफबीआई के मुताबिक, मनजीत सिंह बेदी को सितंबर 2026 में भारत में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अमेरिकी एजेंसी उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी थी। इससे पहले एफबीआई ने बताया था कि पंजाब के जालंधर में पुलिस की कार्रवाई के बाद बेदी को अमेरिका लाने के लिए काम किया जा रहा है। अब उनकी वापसी को अमेरिकी एजेंसी ने अपनी कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मनजीत बेदी पर आरोप है कि उन्होंने 2024 और 2025 के दौरान अमेरिकी सरकार की SNAP योजना के लाभों के नाम पर 6 लाख डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी की। SNAP अमेरिका का एक सहायता कार्यक्रम है, जिसके तहत पात्र जरूरतमंद लोगों को भोजन खरीदने में मदद दी जाती है। इस मामले में आरोप है कि सरकारी सहायता से जुड़े फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बेदी की अमेरिका वापसी को एजेंसी के ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ कार्यक्रम के लिए अहम उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक, इस सूची को शुरू हुए करीब तीन महीने हुए हैं और तब से इसमें शामिल छह लोगों को पकड़ा जा चुका है। पटेल ने यह भी कहा कि इस समूह के लोगों पर कुल मिलाकर 2 अरब डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के मामले हैं। यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब 19,045 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
काश पटेल ने इस मामले में सहयोग करने वाली कानून प्रवर्तन एजेंसियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि विदेशी एजेंसियों के साथ साझेदारी के कारण आरोपियों को अमेरिका वापस लाने में मदद मिल रही है। उनके मुताबिक, पिछले 20 महीनों में अमेरिका ने 260 प्रत्यर्पण और निष्कासन पूरे किए, जो इससे पहले के 20 महीनों की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
मनजीत बेदी की अमेरिका वापसी के बाद उनके खिलाफ दर्ज आरोपों पर वहां की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच एजेंसी का पक्ष है कि उन्हें कथित धोखाधड़ी के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, किसी व्यक्ति पर आरोप लगना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में उनकी कानूनी स्थिति और अदालत का फैसला आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।
Location : New Delhi
Published : 16 October 2026, 10:19 AM IST