कनाडा के टुकड़े करने की सलाह पर भड़के पीएम कार्नी, Elon Musk को दिया मुंहतोड़ जवाब, कहा- हम देख लेंगे!

कनाडा के विभाजन को लेकर एलन मस्क के विवादित बयान पर पीएम मार्क कार्नी ने करारा जवाब दिया है। मस्क ने क्यूबेक, अल्बर्टा और सस्केचेवान को अलग करने की वकालत की थी, जिस पर कार्नी ने साफ किया कि कनाडाई नागरिक ही देश का भविष्य तय करेंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 October 2026, 8:47 AM IST

Ottawa: दुनिया के सबसे अमीर इंसान और टेक दिग्गज एलन मस्क के एक हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कनाडा की आंतरिक सीमाओं में बड़ा भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए मस्क ने कनाडा के तीन प्रमुख प्रांतों क्यूबेक, अल्बर्टा और सस्केचेवान को अलग होकर नया देश बनाने का सुझाव दे डाला।

मस्क की इस हरकत पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए विदेशी हस्तियों और बड़ी टेक कंपनियों को स्पष्ट शब्दों में अपनी सीमाओं में रहने की नसीहत दी है।

पीएम कार्नी का दो टूक जवाब

क्यूबेक के शेरब्रुक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मस्क के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कनाडा और क्यूबेक के लोगों को अपनी भाषा, संस्कृति और नियमों के अनुसार जीवन जीने की पूरी आजादी है।

कार्नी ने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी विदेशी सरकार या विदेशी टेक कंपनी को यह तय करने या बताने का कोई अधिकार नहीं है कि कनाडा के लोगों को अपने देश के साथ क्या करना चाहिए। कनाडा का भविष्य केवल और केवल कनाडाई जनता की इच्छा से तय होगा।

ट्रंप ने Nobel Peace Prize पर फिर जताया हक, 8 संघर्ष खत्म कराने का किया बड़ा दावा, कहा- ऐसा किसी राष्ट्रपति ने नहीं किया

क्यूबेक चुनाव और मस्क के बयान का टाइमिंग

एलन मस्क का यह विवादित बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में क्यूबेक के प्रांतीय चुनाव में अलग देश की मांग करने वाली राजनीतिक पार्टी 'पार्टी क्यूबेक्वा' (PQ) ने जीत दर्ज की है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत का मतलब क्यूबेक के अलग होने का समर्थन नहीं है। पार्टी को केवल 28 प्रतिशत वोट मिले हैं और उसे बहुमत नहीं मिला है। मैक्गिल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डैनियल बेलैंड के अनुसार, वर्तमान में क्यूबेक में अलगाववाद का समर्थन महज 30 प्रतिशत के आसपास ही सीमित है।

अल्बर्टा में 19 अक्टूबर को वोटिंग, सस्केचेवान ने कहा 'नो'

कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में 19 अक्टूबर को एक अहम मतदान होने जा रहा है, जिसमें जनता से पूछा जाएगा कि वे कनाडा के साथ बने रहना चाहते हैं या भविष्य में जनमत संग्रह (Referendum) की ओर बढ़ना चाहते हैं। हालांकि, अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने स्पष्ट किया है कि वे कनाडा के साथ रहने के पक्ष में हैं। वहीं दूसरी तरफ, सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मो ने मस्क के सुझाव को सीधे तौर पर एक शब्द 'नहीं' में खारिज कर दिया है।

फ्रांस में जारी छात्र आंदोलन पर ट्रंप का विवादित दावा, प्रवासन और इस्लाम को बताया अशांति की मुख्य वजह

कनाडा की अखंडता और ग्लोबल हस्तक्षेप पर नई बहस

मस्क के इस बयान ने भले ही अलगाववाद की बहस को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ला खड़ा किया हो, लेकिन कनाडा का आंतरिक राजनीतिक नेतृत्व देश की एकजुटता के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है। फिलहाल, पीएम कार्नी के सख्त रुख ने यह संदेश साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया की बयानबाजी से देश की संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

Location :  Ottawa

Published :  9 October 2026, 8:40 AM IST