
एपस्टीन के काले कारनामों के खिलाफ ऐतिहासिक मुकदमा (Img: Pinterest)
New Delhi: जेफरी एपस्टीन मामले में अमेरिका में एक नया कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। दो महिलाओं ने एपस्टीन के खिलाफ 'क्लास-एक्शन' मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि एपस्टीन के घर से बरामद बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री में उनकी बचपन की तस्वीरें भी शामिल थीं।
मुकदमा दायर करने वाली महिलाओं में से एक की पहचान अदालत में "जेन डो" (Jane Doe) के तौर पर की गई है। उसका आरोप है कि जब वह 12 साल की थी, तब एपस्टीन ने उसकी एक आपत्तिजनक तस्वीर ली थी। वहीं, दूसरी महिला जिसकी पहचान एमी के तौर पर हुई है ने दावा किया कि 2019 में एपस्टीन की संपत्तियों से जब्त की गई सामग्री में उसकी तस्वीरें भी थीं और उनका अभी भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
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दोनों महिलाओं ने अदालत से एपस्टीन की संपत्ति (एस्टेट) और संबंधित सरकारी एजेंसियों को यह निर्देश देने की मांग की है कि वे उन सभी लोगों की पहचान करें जिनकी तस्वीरें उस कथित सामग्री में हैं। इसके अलावा, पीड़ित हर प्रभावित व्यक्ति के लिए कम से कम लगभग 1.25 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस मुकदमे में कुल दावा लगभग 57.54 रुपये करोड़ का बताया जा रहा है।
यह मामला एपस्टीन के पूर्व वकील डैरेन इंडिक और पूर्व अकाउंटेंट रिचर्ड कान के खिलाफ दायर किया गया है। हालांकि, इस मामले पर किसी भी पक्ष की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रहीं वकील हिलेरी नैपी का कहना है कि इस मामले में हजारों लोग प्रभावित पक्ष के तौर पर शामिल हो सकते हैं। उनके अनुसार, एपस्टीन की कथित सामग्री में दिखाई देने वाले कई लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
जेफरी एपस्टीन पर पहले भी यौन शोषण के आरोप लगे थे, लेकिन यह मामला उन लोगों को न्याय दिलाने पर केंद्रित है जिनकी तस्वीरें या वीडियो कथित तौर पर उनकी सहमति के बिना बनाए या इस्तेमाल किए गए थे।
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जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जो नाबालिगों के यौन शोषण के आरोपों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम हुए थे। 2008 में उन्हें एक नाबालिग के यौन शोषण की कोशिश का दोषी ठहराया गया था। 2019 में अमेरिकी जांच एजेंसियों ने उनकी संपत्तियों पर छापा मारा जहां बड़ी मात्रा में कथित तौर पर अवैध सामग्री मिली थी।
इसके कुछ समय बाद एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मृत पाए गए; अधिकारियों ने उनकी मौत को आत्महत्या करार दिया। उनकी मौत के कारण बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री बनाने या उसे फैलाने के कई आरोपों से संबंधित कानूनी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
Location : New Delhi
Published : 18 September 2026, 4:54 PM IST