
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस (IMG: AI Generated)
Mumbai: मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जिंदगी से जुड़े पहलू भी सामने आ रहे हैं। इस केस में उत्तर प्रदेश के सीतापुर की राधा और आजमगढ़ की बबीता का नाम सामने आने के बाद उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। परिवारों के मुताबिक, दोनों युवतियां रोजगार की तलाश में घर से निकली थीं और हरियाणा में रहकर काम कर रही थीं। लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का आरोप है कि दोनों ने गोलीबारी की घटना से पहले दिल्ली से मुंबई तक एक बैग पहुंचाया था, जिसमें पिस्तौल और कारतूस थे।
आजमगढ़ जिले के कोठियार गांव की रहने वाली बबीता की कहानी उन युवाओं जैसी बताई जा रही है, जो बेहतर रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की उम्मीद में अपना गांव छोड़कर दूसरे राज्यों में जाते हैं। परिवार के मुताबिक, बबीता करीब दो साल पहले हरियाणा के सोनीपत गई थी। उसे वहां पैकेजिंग के काम के बारे में जानकारी मिली थी, जहां हर महीने 10 से 12 हजार रुपये तक कमाने की उम्मीद थी। बबीता के परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि नियमित आमदनी का विकल्प मिलना उसके लिए महत्वपूर्ण था। खेती और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर परिवार में हर महीने निश्चित रकम आने से घर के खर्चों में मदद मिल सकती थी।
बबीता के पिता रामजतन राम खेती और मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। ऐसे परिवारों के लिए घर के किसी सदस्य का दूसरे राज्य में जाकर नौकरी करना आर्थिक मदद का अहम जरिया बन सकता है। परिवार के मुताबिक, बबीता की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी। वे यह समझने की कोशिश करते रहे कि आखिर उनकी बेटी का नाम इतने बड़े मामले में कैसे आ गया। जानकारी जुटाने के लिए परिवार स्थानीय पुलिस के पास भी पहुंचा।
इस मामले में दूसरी आरोपी राधा सीतापुर जिले की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, वह वर्ष 2021 में सीतापुर से हरियाणा के सोनीपत चली गई थी। बबीता भी काम के सिलसिले में उत्तर प्रदेश से हरियाणा गई थी। पुलिस का कहना है कि एक ही इलाके में रहने के दौरान दोनों महिलाओं की जान-पहचान हुई। राधा के गांव में जांच के सिलसिले में पुलिस पहुंची और परिवार के सदस्यों तथा ग्रामीणों से पूछताछ की। अधिकारियों ने उसके संपर्कों और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, राधा घटना से कुछ महीने पहले मामले के एक अन्य आरोपी कुणाल के संपर्क में आई थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि कुणाल ने उसे पिस्तौल और कारतूस से भरा बैग लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया था। पुलिस के मुताबिक, बबीता भी इस यात्रा में उसके साथ गई थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बैग कहां से आया, उसे किसने तैयार किया और कथित तौर पर उसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में किसकी क्या भूमिका थी। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों महिलाओं को यात्रा के उद्देश्य के बारे में कितनी जानकारी थी।
उगाही, हथियार और शूटरों की भर्ती, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस ने खंगाली गैंग की कड़ियां
जांचकर्ताओं के मुताबिक, राधा और बबीता 15 अक्टूबर को नई दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुई थीं। अगले दिन दोनों दादर पहुंचीं और पुलिस के अनुसार, उन्होंने वहां एक होटल में कमरा लिया। पुलिस का आरोप है कि 17 अक्टूबर को गोलीबारी की घटना से एक दिन पहले एक नाबालिग लड़के ने राधा से वह बैग ले लिया था। इसके बाद दोनों महिलाओं के मुंबई से दिल्ली लौटने की बात भी जांच में सामने आई है।
इस मामले में हथियार के स्रोत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आजमगढ़ पुलिस के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों को अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि हथियार के स्रोत का संबंध जिले से था। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक, हथियार के स्रोत से जुड़े पहलू की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। स्थानीय पुलिस अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है, ताकि मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
Location : Mumbai
Published : 22 October 2026, 12:45 PM IST
Topics : Mumbai Firing Case Radha Babita Case Tiger Shroff Firing Case Tiger Shroff Uttar Pradesh crime news