Daadi Ki Shaadi Review: स्टारकास्ट दमदार लेकिन फिल्म निकली बेहद कमजोर, दर्शकों को नहीं भायी, जानिये क्यों?

फिल्म दादी की शादी का रिव्यू सामने आ गया है। कपिल शर्मा और नीतू कपूर की यह फैमिली ड्रामा फिल्म दर्शकों को ज्यादा पसंद नहीं आई। कमजोर कहानी और खराब स्क्रीनप्ले की वजह से फिल्म असर नहीं छोड़ पाती। इसमें न तो कॉमेडी अच्छी लगती है और न ही इमोशन, जिससे पूरी फिल्म फीकी रह जाती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 May 2026, 9:32 AM IST

New Delhi: कपिल शर्मा और नीतू कपूर स्टारर फिल्म “दादी की शादी” सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म का निर्माण कपिल शर्मा, गिन्नी और अन्य ने मिलकर किया है, जबकि निर्देशन आशीष आर मोहन ने संभाला है। इसमें कपिल शर्मा, नीतू कपूर, सादिया खतीब, दीपक दत्ता, रिद्धिमा कपूर शहानी, आर. शरत कुमार, जितेंद्र हुड्डा सहित कई कलाकार नजर आते हैं। फिल्म को दर्शकों से दो स्टार रेटिंग मिली है।

कहानी क्या है?

फिल्म की कहानी दिल्ली में रहने वाले टोनी आहूजा (कपिल शर्मा) और उसके संयुक्त परिवार से शुरू होती है। टोनी की शादी नहीं हो पा रही है क्योंकि उसका परिवार बड़ा और संयुक्त है, जिसके चलते लड़कियां उसे रिजेक्ट कर देती हैं। इसी बीच टोनी की सगाई कन्नू (सादिया खतीब) से तय होती है, जिससे वह कॉलेज के दिनों से एकतरफा प्यार करता है।

लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब कन्नू की दादी विमला (नीतू कपूर) अपनी दूसरी शादी करने का फैसला करती हैं। इस वजह से कन्नू का परिवार शादी से इंकार कर देता है। इसके बाद पूरा परिवार दादी की शादी रोकने के लिए शिमला पहुंचता है। टोनी भी इस उम्मीद में उनके साथ जाता है कि वह अपनी शादी बचा सके। आगे कहानी में यह दिखाया गया है कि क्या दादी की शादी होगी और टोनी-कन्नू का रिश्ता आगे बढ़ पाएगा या नहीं।

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कहानी और स्क्रीनप्ले की कमजोरियां

फिल्म का टाइटल दिलचस्प लगता है, लेकिन इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले बेहद कमजोर साबित होते हैं। इमोशन और कॉमेडी दोनों ही प्रभाव नहीं छोड़ पाते। पारिवारिक झगड़े और रिश्तों की उलझनें ठीक से नहीं उभर पातीं। कई सीन जैसे बच्चों द्वारा मां के खर्चे गिनवाना या 16 करोड़ के जुए का ट्रैक कहानी को और उलझा देते हैं।

यह सवाल भी अनुत्तरित रहता है कि विमला अपने बेटों के पास क्यों नहीं रहती। इसके अलावा छोटे बेटे के परिवार को शादी में न बुलाने जैसी बातें भी बिना जवाब के छोड़ दी गई हैं, जिससे कहानी अधूरी लगती है।

कॉमेडी और इमोशन दोनों हुए फेल

फिल्म में कपिल शर्मा जैसे कॉमेडी स्टार होने के बावजूद हंसी के पल बेहद कम हैं। कोई भी डायलॉग या पंच ऐसा नहीं बन पाया जो थिएटर से बाहर आने के बाद याद रह जाए। इमोशनल सीन्स भी असर नहीं छोड़ते, जबकि इस तरह की फैमिली ड्रामा फिल्मों में यही सबसे मजबूत पक्ष होता है।

कपिल शर्मा और सादिया खतीब की जोड़ी भी स्क्रीन पर कमजोर लगती है और उनके बीच की केमिस्ट्री भी गायब दिखती है।

तकनीकी पक्ष

फिल्म का कैमरावर्क अच्छा है और शिमला की खूबसूरत वादियों को अच्छे से दिखाया गया है। गीत-संगीत औसत स्तर का है और ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ता।

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अभिनय कैसा रहा?

कमजोर लेखन का असर सभी कलाकारों पर साफ दिखता है। नीतू कपूर और आर. शरत कुमार का अभिनय कुछ हद तक प्रभावी रहा है। कपिल शर्मा अपने पुराने कॉमिक अंदाज में नजर आते हैं लेकिन उन्हें मजबूत स्क्रिप्ट का साथ नहीं मिला।

रिद्धिमा कपूर शहानी ने इस फिल्म से डेब्यू किया है और वह स्क्रीन पर स्टाइलिश जरूर लगती हैं, लेकिन अभिनय में ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पातीं। सादिया खतीब और जितेंद्र हुड्डा ने अपनी भूमिका निभाने की कोशिश की है।

Location :  New Delhi

Published :  11 May 2026, 9:32 AM IST