यूपी ने दी हरी झंडी, फिर भी चंबल में नहीं चली मोटरबोट! आखिर कहां अटका मामला?

चंबल नदी में मोटरबोट संचालन पर एनओसी को लेकर पेंच फंस गया है। यूपी से अनुमति मिलने के बावजूद मध्य प्रदेश प्रशासन की एनओसी की मांग के कारण संचालन बंद है। इससे यूपी-एमपी सीमा के 100 से अधिक गांवों के हजारों लोगों को 90 से 150 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 21 August 2026, 12:56 PM IST

Chambal: चंबल नदी में मोटरबोट संचालन को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन के बीच एनओसी का मामला अटक गया है। उत्तर प्रदेश प्रशासन से अनुमति मिलने के बावजूद पिनाहट घाट पर मोटरबोट का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इससे चंबल नदी के दोनों किनारों पर बसे 100 से अधिक गांवों के हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

90 से 150 किलोमीटर का लगाना पड़ रहा चक्कर

मोटरबोट बंद होने से लोगों को चंबल नदी पार करने के लिए धौलपुर और मुरैना के रास्ते जाना पड़ रहा है। इसके कारण यात्रियों को करीब 90 से 150 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोटरबोट बंद होने का असर केवल रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि व्यापारियों और किसानों पर भी पड़ रहा है। चंबल सीमा से लगे गांवों के लोग खरीदारी और दूसरे जरूरी कामों के लिए पिनाहट बाजार पहुंचते हैं।

बाढ़ के दौरान बंद रहता है पांटून पुल

बारिश के मौसम में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हर साल 15 जून को पांटून पुल हटा दिया जाता है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से पिनाहट घाट पर मोटरबोट का संचालन कराया जाता है, जो सामान्य तौर पर 15 अक्तूबर तक चलती है।

इस बार मोटरबोट संचालन की अनुमति मिलने में करीब दो महीने का समय लग गया। आरोप है कि अनुमति के बिना भी कुछ समय तक मोटरबोट का संचालन होता रहा। 16 अगस्त को हुए हादसे के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने मोटरबोट संचालन बंद करा दिया था।

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अनुमति मिलने के बाद भी नहीं चली मोटरबोट

पीडब्ल्यूडी आगरा के सहायक अभियंता हरीश कुमार के अनुसार मोटरबोट संचालन की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन मध्य प्रदेश प्रशासन की ओर से एनओसी लेने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि पहले कभी मध्य प्रदेश प्रशासन से इस तरह की एनओसी नहीं ली गई थी। मामले को लेकर अधिकारियों से बातचीत चल रही है।

वहीं बाह के उप जिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पिनाहट घाट पर मोटरबोट संचालन की अनुमति उत्तर प्रदेश शासन से मिली हुई है, लेकिन मध्य प्रदेश प्रशासन ने फिलहाल संचालन पर रोक लगा रखी है और अपनी ओर से भी अनुमति लेने को कहा है।

100 से ज्यादा गांवों पर असर

मोटरबोट बंद होने से पिनाहट, जोधपुरा, छदामीपुरा, विप्रावली, पडुआपुरा, महगौली, रेहा, उमरैठा, बघरेना, खिल्ली समेत यूपी के कई गांव प्रभावित हैं। वहीं मध्य प्रदेश के उसैथ, भिंडवा, नयापुरा, रछेड़, बरबाई, बसई, अंबाह, पोरसा समेत कई गांवों के लोग भी परेशान हैं।

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वैकल्पिक सीढ़ी बनाने की तैयारी

चंबल घाट पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। निर्माणाधीन पक्के पुल के स्टॉपर के पास मिट्टी डालने का काम चल रहा है। इसके बाद वहां सीढ़ी लगाने की तैयारी है।

एसडीएम विनोद कुमार के मुताबिक, एक-दो दिन में वैकल्पिक सीढ़ी लगाने का काम शुरू हो सकता है। हालांकि मोटरबोट संचालन कब शुरू होगा, इस पर यूपी और मध्य प्रदेश प्रशासन के बीच चल रही बातचीत के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

Location :  Chambal

Published :  21 August 2026, 12:56 PM IST