“आप अभी बर्खास्तगी चाहते हैं या बाद में?” सुप्रीम कोर्ट के इस तीखे सवाल से हिल गए डीआईजी भुल्लर! जानिये पूरा मामला

भ्रष्टाचार मामले में जमानत की उम्मीद लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को फिलहाल राहत नहीं मिली। सुनवाई के दौरान CJI ने मामले को ‘100 फीसदी बर्खास्तगी का मामला’ बताया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 September 2026, 3:01 PM IST

Chandigarh: भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। उनकी दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कड़ी टिप्पणी की और मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी। अदालत ने संकेत दिया कि कुछ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद ही जमानत पर विचार किया जा सकता है।

CJI की सख्त टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के सामने सुनवाई हुई। इसी दौरान CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी की, “यह 100 फीसदी बर्खास्तगी का मामला है! आप अभी बर्खास्तगी चाहते हैं या बाद में?” अदालत की इस टिप्पणी को मामले में आरोपी अधिकारी के खिलाफ गंभीर रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

महत्वपूर्ण गवाहों के बयान के बाद जमानत पर विचार

भुल्लर की ओर से पेश वकील ने बताया कि शिकायतकर्ता और कुछ अहम गवाहों से अभी पूछताछ नहीं हुई है, जबकि कुछ अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इस पर पीठ ने संकेत दिया कि महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद जमानत याचिका पर विचार किया जा सकता है। अब मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

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हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

हरचरण सिंह भुल्लर ने 10 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा जमानत खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले 10 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर मामले की सुनवाई शुरू नहीं होती है, तो वह जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं।

निजी बिचौलिए के जरिए रिश्वत मांगने का आरोप

मामला पिछले साल अक्टूबर में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि उस समय रोपड़ रेंज के डीआईजी पद पर तैनात भुल्लर ने सरहिंद थाने में दर्ज एक एफआईआर में अनुकूल कार्रवाई कराने के लिए एक निजी बिचौलिए के माध्यम से कथित तौर पर अवैध रकम की मांग की थी। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में जाल बिछाया।

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पांच लाख रुपये लेते सह-आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई की कार्रवाई के दौरान एक सह-आरोपी को कथित रिश्वत की रकम में से पांच लाख रुपये स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच के क्रम में डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें पिछले साल अक्टूबर से इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।

विशेष सीबीआई अदालत ने भी खारिज की थी जमानत

जनवरी में चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने भी भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। अब सुप्रीम कोर्ट में उनकी दूसरी जमानत याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

Location :  Chandigarh

Published :  15 September 2026, 3:01 PM IST