शिवा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा का नागपुर कनेक्शन: बुर्का, डिलीटेड चैट्स और कैश लेकर भागने की पूरी कहानी

शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल से लौटने के बाद बुर्के की आड़ ली और मुस्लिम इलाकों में छिपी। उसने रसूखदार लोगों के नंबर और चैट्स डिलीट कर दिए तथा कैश लेकर फरार हो गई थी, जानिये अब तक के पूरे सफर के बारे में।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 October 2026, 12:26 PM IST

Lucknow: कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि गिरफ्तारी से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने हर मुमकिन हथकंडा अपनाया था। नेपाल से लौटने के बाद उसने बुर्के की आड़ ली और मुस्लिम बहुल इलाकों में शरण ली थी। वहीं, जांच से बचने के लिए उसने रसूखदार लोगों के नंबर और चैट्स भी डिलीट कर दिए थे।

बुर्का पहनकर मुस्लिम इलाकों में छिपी, बदला सामान

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि नेपाल से वापस लौटने के बाद आरोपी श्रद्धा ने पुलिस और जनता की नजरों से बचने के लिए बुर्के का सहारा लिया था। करीबी लोगों की सलाह पर उसने बुर्का पहनना शुरू किया ताकि कोई उसे पहचान न सके। इसके अलावा, उसने अपनी यात्रा का तरीका भी बदल दिया। ट्रॉली बैग के साथ सफर करने पर लोगों का ध्यान ज्यादा आकर्षित होने का डर था, इसलिए उसने बैग छोड़कर एक सामान्य झोला रख लिया।

जांच के दौरान गलत आईपी एड्रेस मिलने की वजह से पुलिस को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और श्रद्धा को पकड़ने में थोड़ा समय लगा। डीसीपी मध्य अर्पित विजय वर्गीय के अनुसार, कानपुर के एक चालक के फोन से हॉटस्पॉट लेकर श्रद्धा ने अपने वकील से संपर्क किया था। इसी तकनीकी सुराग के आधार पर पुलिस नागपुर तक पहुंच पाई।

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नागपुर से ऐसे धराए आरोपी, फ्लैट में छिपी थी श्रद्धा

कानपुर के जिस चालक ने श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और दानिश उर्फ तनवीर को छोड़ा था, उसने पुलिस को उस निश्चित स्थान की जानकारी दी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर तीनों ई-रिक्शा से जाते हुए नजर आए। ई-रिक्शा चालक के जरिए पुलिस उस फ्लैट तक जा पहुंची, जिसे श्रद्धा ने ऑनलाइन किराए पर लिया था।

जब पुलिस वहां पहुंची, तो श्रद्धा ने दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया और तुरंत अपने वकील से फोन पर बात करने लगी। इसके बाद लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नागपुर के इस फ्लैट से श्रद्धा समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि लगातार वीडियो बाइट जारी करने और सोशल मीडिया पर उन्हें वायरल करवाने के पीछे कौन लोग उसे गाइड कर रहे थे।

मोबाइल का डेटा फॉर्मेट, रसूखदार लोगों के नंबर किए डिलीट

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले श्रद्धा ने अपने दोनों मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण सुबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। अंदेशा जताया जा रहा है कि पकड़े जाने के डर से उसने फोन को पूरी तरह फॉर्मेट कर दिया था। उसने अपने फोन से कई नामचीन हस्तियों, अफसरों, पुलिस अधिकारियों और कुछ बड़े नेताओं के मोबाइल नंबर डिलीट कर दिए, ताकि पुलिस के हाथ कोई बड़ा सुराग न लग सके।

वह इन रसूखदारों से केवल फेसटाइम या व्हाट्सएप के जरिए ही बात करती थी, जिसे आईपी एड्रेस के माध्यम से ट्रेस किया जा सकता है। इसके अलावा, उसने करीबियों के साथ अपनी कई तस्वीरें भी डिलीट कर दीं।

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गायब पुराना फोन और आमिर की भूमिका

श्रद्धा के पास से दो नए मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें से एक को उसने फरार होने के बाद पूरी तरह बंद कर दिया था और दूसरे को वाईफाई के जरिए इस्तेमाल कर रही थी। हालांकि, उसका एक पुराना मोबाइल फोन अभी तक बरामद नहीं हुआ है, जिसके बारे में उसका दावा है कि वह नेपाल में कहीं गिर गया था। पुलिस को इस दावे पर संदेह है और माना जा रहा है कि असली राज उसी पुराने फोन में छिपे हैं।

घटना के बाद जब श्रद्धा फरार हुई थी, तब उसके साथ उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर तनवीर और उसका बेहद करीबी आमिर भी मौजूद था। आमिर ने ही फर्जी आईडी पर सिम उपलब्ध कराने और उसे नेपाल तक पहुंचाने में पूरी मदद की थी। फिलहाल, पुलिस इन तमाम कड़ियों को जोड़ते हुए मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कराने की तैयारी में जुटी है।

Location :  Lucknow

Published :  23 October 2026, 12:26 PM IST