मरीज वार्ड से निकला और दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया, मौत के बाद मचा हड़कंप; अब जांच से खुलेगा सुरक्षा का राज

देवरिया के महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में दूसरी मंजिल की खिड़की से गिरने के बाद भर्ती मरीज की मौत हो गई। मृतक बिहार के गोपालगंज का रहने वाला था और लीवर की बीमारी के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से भी जूझ रहा था। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा और मरीजों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 October 2026, 3:20 PM IST

Deoria News: देवरिया के महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में देर रात एक भर्ती मरीज की दूसरी मंजिल की खिड़की से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में मरीजों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि मरीज पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती था और लीवर की बीमारी के साथ उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। घटना रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन मरीज को तत्काल इमरजेंसी में लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

2 अक्टूबर को मेडिकल वार्ड में भर्ती हुआ था मरीज

मृतक की पहचान बिहार के गोपालगंज निवासी रामानंद चौहान के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक रामानंद को 2 अक्टूबर को महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज के पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। उन्हें बेड नंबर 33 पर रखा गया था। बताया गया कि रामानंद लीवर की बीमारी से पीड़ित थे। इसके साथ ही उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। ऐसी स्थिति में भर्ती मरीज की निगरानी को लेकर अस्पताल में क्या व्यवस्था थी, घटना के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है।

देर रात वार्ड से निकलकर खिड़की तक पहुंचे

बताया जा रहा है कि रात करीब दो बजे रामानंद मेडिकल वार्ड से बाहर निकले और दूसरी मंजिल की खिड़की तक पहुंच गए। इसके बाद वह नीचे गिर गए। घटना की जानकारी होते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें तत्काल इमरजेंसी विभाग में ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी परिजनों को दी गई और इसके बाद मामले को लेकर अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई।

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मरीजों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद कुछ तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज के वार्डों में मरीजों की निगरानी को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि गंभीर या मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीजों की लगातार निगरानी के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी और वार्ड की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, अभी यह जांच का विषय है कि घटना के समय वार्ड में निगरानी के लिए कौन-कौन से कर्मचारी तैनात थे और मरीज के वार्ड से निकलने के बाद उसे खिड़की तक पहुंचने से रोकने के लिए क्या व्यवस्था थी।

DM ने दिए जांच के आदेश

मामले में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जांच के आदेश दिए हैं। डीएम के मुताबिक मृतक शराब का आदी था और उसे कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल की ओर से उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी जानकारी दी गई थी। डीएम ने यह भी बताया कि घटना के समय मरीज की पत्नी उसके साथ मौजूद थीं। डीएम के अनुसार, परिजनों ने लिखित रूप से पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया। इसके बाद शव को एंबुलेंस के जरिए गोपालगंज भेज दिया गया।

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तहसीलदार की अगुवाई में होगी जांच

पूरे मामले की जांच के लिए तहसीलदार सदर को नामित किया गया है। जांच टीम में सीएमएस और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद एक चिकित्सक को भी शामिल किया गया है। जांच में घटना की परिस्थितियों के साथ-साथ अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की भी पड़ताल की जाएगी। यह देखा जाएगा कि मरीज की स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति को देखते हुए उसकी निगरानी के लिए क्या व्यवस्था की गई थी और घटना के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की क्या भूमिका थी।

पहले भी सामने आया था सुरक्षा का मामला

महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह पहला मामला नहीं है। पिछले वर्ष करीब 5-6 अक्टूबर के आसपास इसी मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में महाराष्ट्र निवासी इंजीनियर अशोक गावंडे का शव मिला था। उस मामले में हत्या की आशंका जताई गई थी और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के स्तर पर भी कार्रवाई की गई थी।

Location :  Deoria

Published :  5 October 2026, 3:20 PM IST