मेरठ के कपसाड़ गांव में हुए अपहरण और हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तीसरे दिन रूबी की बरामदगी के बाद गांव को पूरी तरह सील कर दिया गया है। आरोपी से पूछताछ में कई अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

कपसाड़ गांव चारों ओर से सील
Meerut: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुए सनसनीखेज अपहरण और हत्याकांड में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। तीन दिन से लापता युवती रूबी को पुलिस ने शनिवार शाम करीब छह बजे बरामद कर लिया। उसके साथ मुख्य आरोपी पारस सोम को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों रुड़की रेलवे स्टेशन से हरिद्वार भागने की फिराक में थे। देर रात करीब 10:30 बजे पुलिस दोनों को मेरठ लेकर पहुंची। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पारस सोम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
घटना की गंभीरता और संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस ने कपसाड़ गांव को चारों ओर से सील कर दिया। गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या राजनीतिक दल के नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
पुलिस ने गांव में सभी राजनीतिक पार्टियों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि से माहौल और अधिक बिगड़ सकता है। शनिवार सुबह जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गईं। काशी टोल प्लाजा पर सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।
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शाम के समय नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद, कांग्रेस के नेता और अन्य जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मेरठ पहुंचे, लेकिन उन्हें भी बॉर्डर पर रोक दिया गया। इसके बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासन ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद पारस सोम युवती रूबी को लेकर सहारनपुर जिले के नागल गांव पहुंच गया था। वहां वह अपने एक रिश्तेदार के घर पर करीब दो दिन तक छिपा रहा। सहारनपुर पुलिस को इनपुट मिला था कि युवक-युवती नागल गांव में रुके हुए हैं और शनिवार को किसी अन्य स्थान पर जाने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले कि पुलिस नागल पहुंच पाती, दोनों रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार, पारस सोम रूबी को लेकर ट्रेन के जरिए हरिद्वार या किसी अन्य राज्य की ओर भागने की फिराक में था। इसी दौरान सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस को जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए रुड़की रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दी और दोनों को पकड़ लिया।
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पारस सोम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। इस मामले में नामजद अन्य आरोपियों और साजिश के पहलुओं को लेकर भी पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड और अपहरण के पीछे एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।
बृहस्पतिवार सुबह सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव निवासी सुनीता देवी अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। रजबहे की पटरी के पास आरोपी पारस सोम, सुनील और उनके कुछ साथी कार लेकर पहुंचे। आरोपियों ने रूबी को अगवा करने का प्रयास किया। जब मां सुनीता ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर फरसे से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी रूबी को अगवा कर फरार हो गए थे।