
कोर्ट के आदेश पर तीन पर FIR (IMG: Dynamite News)
Bareilly: न किसी से रुपये उधार लिए, न किसी कागज पर हस्ताक्षर किए और न ही कोई लेनदेन हुआ, फिर भी एक व्यक्ति को 41 लाख 80 हजार रुपये का कर्जदार दिखाने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के बरेली में फर्जी स्टाम्प तैयार कर कागजों पर लाखों रुपये का लेनदेन दर्शाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का दावा है कि इन दस्तावेजों के जरिए उससे रकम वसूलने की कोशिश की जा रही थी। उसने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर सीबीगंज पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मामला बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र का है। बड़ी मस्जिद अटरिया निवासी ताजिम पुत्र मोहम्मद सलीम ने मुरादाबाद के नासिर हुसैन, नौशद और उवेद पर मिलीभगत करके फर्जी स्टाम्प तैयार कराने का आरोप लगाया है। ताजिम के मुताबिक, कथित दस्तावेजों में उसे 41 लाख 80 हजार रुपये दिए जाने की बात दर्ज दिखाई गई है। पीड़ित का कहना है कि उसने आरोपियों से कभी इतनी बड़ी रकम नहीं ली। इसके बावजूद कागजों पर उसे लाखों रुपये का देनदार दिखाया जा रहा है।
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पीड़ित ताजिम का कहना है कि कथित स्टाम्प तैयार होने के दौरान वह मौजूद नहीं था। उसने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार किया है। उसका दावा है कि आरोपियों की ओर से न तो उसे नकद रुपये दिए गए और न ही चेक के माध्यम से कोई रकम मिली। ताजिम के मुताबिक, जब उसने कागजों पर 41.80 लाख रुपये का लेनदेन दिखाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद विरोध किया, तो वह परेशान हो गया। उसे आशंका है कि इन दस्तावेजों के आधार पर उससे रकम वसूलने की कोशिश की जा सकती है।
ताजिम ने मामले में कार्रवाई के लिए 25 जून 2026 को अधिकारियों और सीबीगंज थाने में शिकायत दी थी। उसने अपनी शिकायत में कथित फर्जी दस्तावेजों और बिना लेनदेन के कर्जदार दिखाए जाने की बात उठाई थी। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद उसे राहत नहीं मिली और मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्याय पाने के लिए अदालत का रुख किया।
मामले में अदालत के आदेश के बाद सीबीगंज पुलिस ने नासिर हुसैन, नौशद और उवेद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसके साथ ही कथित फर्जी स्टाम्प और 41.80 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े आरोप अब पुलिस जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस की जांच में दस्तावेजों की प्रमाणिकता, कथित लेनदेन और आरोपियों की भूमिका जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित कागजात, हस्ताक्षर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराई जा सकती है।
बरेली में सामने आए इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि जब शिकायतकर्ता के मुताबिक कोई रकम दी ही नहीं गई, तो कथित दस्तावेजों में 41 लाख 80 हजार रुपये का लेनदेन कैसे दर्शाया गया। इसके साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि स्टाम्प किसने तैयार किए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। फिलहाल, अदालत के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ाएगी। दस्तावेजों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।
Location : Bareilly
Published : 17 October 2026, 12:21 PM IST