जिंदा बुजुर्गों की सरकारी कागजों में हो गई ‘मौत’! पेंशन रुकी तो खुली सिस्टम की बड़ी लापरवाही

महराजगंज के लक्ष्मीपुर ब्लॉक में दो जीवित बुजुर्गों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया, जिससे उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। जिला मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें इस गलती की जानकारी मिली। बीडीओ ने जांच और रिकॉर्ड सुधारने का आश्वासन दिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 July 2026, 11:37 AM IST

Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर विकासखंड से सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गांव के दो बुजुर्गों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वे पूरी तरह जीवित हैं। इस गलती के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन कई महीनों से बंद है। मामला तब सामने आया जब दोनों बुजुर्ग अपनी रुकी हुई पेंशन का कारण जानने जिला मुख्यालय पहुंचे।

पेंशन बंद होने पर खुली 'सरकारी मौत' की सच्चाई

पीड़ित किस्मतअली (70 वर्ष) पुत्र सैफुल्ला और मो. खलील (72 वर्ष) पुत्र रसूल ने बताया कि कई महीनों से उनके खाते में वृद्धावस्था पेंशन नहीं आ रही थी। उन्होंने पंचायत से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

आखिरकार दोनों जिला मुख्यालय पहुंचे और संबंधित विभाग से जानकारी ली। वहां उन्हें बताया गया कि सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है। यह सुनकर दोनों बुजुर्ग हैरान रह गए। विभाग ने उन्हें दोबारा सत्यापन कराने की सलाह दी।

बिना सत्यापन मृत घोषित करने का आरोप

दोनों बुजुर्गों का आरोप है कि बिना किसी जमीनी जांच या सत्यापन के उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया। इस लापरवाही के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। वृद्धावस्था पेंशन ही उनकी आय का मुख्य सहारा थी, जिसके बंद होने से आर्थिक संकट गहरा गया है और दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

सरकारी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह मामला सरकारी रिकॉर्ड और सत्यापन प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े करता है। आखिर एक ही गांव के दो जीवित लोगों को मृत कैसे घोषित कर दिया गया? क्या अभिलेखों में बदलाव से पहले कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया गया? यदि ऐसी लापरवाही संभव है, तो अन्य लाभार्थियों के रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

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BDO ने जांच का दिया भरोसा

खंड विकास अधिकारी मृत्युंजय कुमार ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। शिकायत मिलने के बाद पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि रिकॉर्ड में गलती पाई जाती है तो उसे तत्काल सुधारा जाएगा और दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

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पीड़ितों की मांग

दोनों बुजुर्गों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें तत्काल सरकारी रिकॉर्ड में जीवित दर्ज किया जाए, रुकी हुई वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान कराया जाए और इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

Location :  Maharajganj

Published :  9 July 2026, 11:33 AM IST