
5 फीट तक पहुंचा पानी, घरों में मचा संकट (Source: X)
Lucknow: राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। फैजुल्लागंज समेत कई क्षेत्रों में पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि 40 हजार से अधिक घर प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि करीब 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। कई कॉलोनियों की गलियों में आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
गोमती नदी का पानी बढ़ने से फैजुल्लागंज के कई इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर पानी करीब 5 फीट तक भरने की बात सामने आई है। इससे लोगों की रसोई और बेडरूम तक जलमग्न हो गए हैं।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर फैजुल्लागंज की मामा कॉलोनी, नई बस्ती, दाऊद नगर, पुराना दाऊद नगर पतंग मैदान, कच्ची ठान और लोहरा माऊ समेत आसपास के क्षेत्रों में बताया जा रहा है।
लगातार बढ़ते पानी के कारण हजारों परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। करीब 10 हजार लोगों के पलायन की बात सामने आई है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए करीब 40 नावें उतारी हैं।
कई परिवार सड़क किनारे और फुटपाथ पर रात गुजारने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, खाली पड़े घरों में चोरी की घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। आरोप है कि कुछ चोर नावों के जरिए बंद घरों तक पहुंचकर ताले तोड़ रहे हैं।
लखनऊ में स्थानीय बारिश कम होने के बावजूद गोमती नदी का जलस्तर बढ़ना लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। बताया जा रहा है कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर की तरफ से बड़ी मात्रा में पानी गोमती में पहुंच रहा है।
इसके अलावा बेहटा और श्रावण समेत कई बड़े नालों का पानी नदी में जाने के बजाय नदी का जलस्तर बढ़ने से वापस रिहायशी इलाकों की ओर आ रहा है। यही स्थिति निचले क्षेत्रों में जलभराव को और गंभीर बना रही है।
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए पर्यटन स्थल गोमती रिवर फ्रंट को भी अगले आदेश तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
जलभराव के बीच लोगों को सांप और बिच्छुओं के घरों में घुसने का डर भी सता रहा है। ऐसे में राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट भी बना हुआ है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऊपरी क्षेत्रों से गोमती नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होने के बाद सोमवार से जलस्तर धीरे-धीरे घटने की उम्मीद है। यदि जलस्तर कम होता है तो प्रभावित इलाकों में जलभराव से लोगों को राहत मिल सकती है। फिलहाल शहर के निचले इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Location : Lucknow
Published : 4 October 2026, 9:08 AM IST