10 तेंदुए की खाल ने खोले तस्करी के बड़े राज? हाईवे के पास पकड़े गए नेटवर्क की जांच से मचा हड़कंप

आगरा के पास पकड़ी गई तेंदुए की 10 खालों ने वन विभाग की जांच को और गहरा कर दिया है। अब वैज्ञानिक जांच से पता चलेगा कि ये खालें कितनी पुरानी हैं और इनके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 July 2026, 3:59 PM IST

Agra: आगरा-सैंया हाईवे के पास एक होटल से बरामद हुई तेंदुए की 10 खालों की अब वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। वन विभाग इन खालों को जांच के लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट (WI) भेजने की तैयारी कर रहा है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ये खालें कितनी पुरानी हैं और इन्हें किस परिस्थिति में हासिल किया गया।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि बरामद खालें नर तेंदुए की हैं या मादा तेंदुए की। इसके अलावा यह जानकारी जुटाई जाएगी कि तेंदुओं का शिकार कहां और किस तरीके से किया गया था।

20 दिन की निगरानी के बाद पकड़ा गया तस्करी गिरोह

इस मामले में वन विभाग, आगरा पुलिस और वाइल्डलाइफ एसओएस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की थी। अधिकारियों के अनुसार, तस्करों तक पहुंचने के लिए टीम ने करीब 20 दिनों तक जानकारी जुटाई और ग्राहक बनकर पूरे नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखी। 23 जुलाई की रात टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से तेंदुए की 10 खालें बरामद की गई थीं। इस कार्रवाई के बाद अब वन विभाग पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटा है।

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अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं चारों आरोपी

पकड़े गए चारों आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इनमें हरियाणा के सतपाल नाथ और भगत सिंह जबकि मध्य प्रदेश के भोगीराम आदिवासी और गब्बर शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग काम करने का दावा करते थे। किसी ने खुद को साधु बताया तो किसी ने ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े होने की बात कही। वहीं एक आरोपी के चटाई बेचने की जानकारी सामने आई है। अब वन विभाग इन दावों की भी जांच कर रहा है।

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मध्य प्रदेश से खाल लाने और हरियाणा में डील की आशंका

जांच में यह बात सामने आई है कि तेंदुए की खालों की तस्करी में मध्य प्रदेश के आरोपी मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। आशंका है कि वहां से खालें उपलब्ध कराई जाती थीं, जबकि हरियाणा के आरोपी डीलर के रूप में काम करते थे। वन विभाग अब सभी आरोपियों की कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच कर रहा है। अधिकारियों को शक है कि इस नेटवर्क में कई और लोग जुड़े हो सकते हैं। जांच आगे बढ़ने पर तस्करी से जुड़े बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

Location :  Agra

Published :  27 July 2026, 3:59 PM IST