धमाके इतने तेज कि कांप उठा मनौरी बाजार, 15 से ज्यादा घर जमींदोज; अब मलबे में जिंदगी की तलाश

कौशाम्बी के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने के बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर तक सुनाई दी। विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए और मलबा करीब 250 मीटर दूर रेलवे पुल तक जा पहुंचा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 August 2026, 3:09 PM IST

Kaushambi: सोमवार दोपहर करीब 12 बजे मनौरी बाजार में अचानक धमाकों की ऐसी आवाज गूंजी कि पूरा इलाका दहल उठा। कुछ ही सेकेंड में शांत नजर आ रहा बाजार धुएं और बारूद के गुबार में घिर गया। पिपरी थाना क्षेत्र में एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने के बाद वहां रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज विस्फोट होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।

विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। कई मकानों के शीशे टूट गए। ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। हादसे के बाद इलाके में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

आग लगते ही शुरू हुआ धमाकों का सिलसिला

बताया जा रहा है कि मनौरी बाजार में बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। सोमवार दोपहर अचानक इस फैक्टरी में आग लग गई। आग लगते ही वहां रखे पटाखों ने आग पकड़ ली और एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाके इतने तेज थे कि आसपास के लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले मकान से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और इसके बाद विस्फोट शुरू हो गए। कुछ ही देर में पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।

15 से ज्यादा मकान हुए धराशायी

विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्टरी के आसपास बने 15 से ज्यादा मकान धराशायी हो गए। कई घरों में लगे शीशे टूट गए और आसपास का इलाका मलबे में तब्दील हो गया। धमाके के बाद ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर रेलवे पुल तक पहुंच गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विस्फोट कितना शक्तिशाली था।

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दर्जनभर लोगों के अंदर होने की सूचना

हादसे के समय फैक्टरी के अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो सका है कि घटना के वक्त अंदर कितने लोग थे और उनमें से कितने सुरक्षित बाहर निकल पाए। आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीण मदद के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण फैक्टरी के अंदर जाना बेहद जोखिम भरा हो गया। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को भी काफी सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

एयरफोर्स के जवानों ने संभाला मोर्चा

मनौरी में हुए इस भीषण हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के साथ एयरफोर्स की टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। एयरफोर्स के जवान मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश में जुटे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की फोर्स भी मौके पर राहत और बचाव कार्य में लगी है। लगातार धमाकों के कारण टीमों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है। मनौरी में एयरफोर्स स्टेशन भी नजदीक है, इसलिए हादसे के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।

बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे

हादसे की सूचना मिलते ही प्रयागराज और कौशाम्बी के बड़े अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि बड़ी संख्या में घायल पहुंचने की स्थिति में तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।

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बाजार में मची भगदड़, घरों से बाहर निकले लोग

धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इतनी तेज आवाज कहां से आ रही है। कुछ ही देर में मनौरी बाजार का पूरा माहौल बदल गया। चारों तरफ धुआं दिखाई दे रहा था और लगातार धमाकों की आवाज सुनाई दे रही थी। स्थानीय लोग अपने परिजनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुट गए।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। फैक्टरी और आसपास के मकानों के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। एयरफोर्स और राहत-बचाव दल मलबे को हटाकर लोगों की तलाश में जुटे हैं। लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जब तक आग और धमाकों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जाता, तब तक घटनास्थल के भीतर जाना भी खतरे से खाली नहीं है।

Location :  Kaushambi

Published :  31 August 2026, 3:09 PM IST