
न्यायालय से स्टे मिलने के बाद जमीन दूसरे पक्ष के नाम दर्ज (Img: Dynamite News)
Kaushambi: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में जमीन विवाद को लेकर एक व्यक्ति के तेल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचने का मामला सामने आया है। मंझनपुर थाना क्षेत्र के सोहिया आमद करारी निवासी ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि उसकी जमीन को कथित तौर पर फर्जी तरीके से दूसरे लोगों के नाम दर्ज करा दिया गया है। उसने दावा किया कि इस मामले में न्यायालय से स्टे मिलने के बावजूद राजस्व विभाग के स्तर पर जमीन का नामांतरण कर दिया गया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने उसके पास से तेल ले लिया। हालांकि, आत्महत्या की योजना बनाने की बात को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, ओमप्रकाश गुरुवार को तेल लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। यहां उसने अपनी जमीन से जुड़े विवाद की शिकायत की और मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बताया जा रहा है कि वह तेल डालकर आत्महत्या करने की योजना बना रहा था, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके पास से तेल ले लिया। ओमप्रकाश का आरोप है कि गांव के दिनई ने उसकी जमीन को कथित रूप से फर्जी तरीके से अपने रिश्तेदारों के नाम दर्ज करा दिया। उसने तहसील में तैनात एक पेशकार पर भी रुपये लेकर दूसरे पक्ष की मदद करने और गलत आदेश कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जमीन विवाद में तेल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा ओमप्रकाश (Img: Dynamite News)
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ओमप्रकाश ने बताया कि उसके पिता ललुवा कैंसर से पीड़ित थे। उसके आरोप के मुताबिक, वर्ष 2018 में इलाज के लिए आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन देकर दिनई उन्हें चार पहिया वाहन से सिराथू तहसील ले गया था। ओमप्रकाश का दावा है कि इसी दौरान उसके पिता के नाम की जमीन उनके रिश्तेदार सरस्वती के नाम दर्ज करा दी गई। बाद में जानकारी मिलने पर ओमप्रकाश ने इस मामले की शिकायत की। उसके अनुसार, जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
ओमप्रकाश का आरोप है कि छोटेलाल, सरस्वती, बचान, सत्तूलाल और दिनई के खिलाफ वर्ष 2018 में मंझनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद उसने सिविल न्यायालय में भी वाद दायर किया। उसका कहना है कि न्यायालय से उसे जमीन के संबंध में स्टे मिला हुआ है। इसके बावजूद, ओमप्रकाश के मुताबिक, 12 जुलाई 2025 को राजस्व कर्मियों ने सरस्वती देवी के पक्ष में जमीन का नामांतरण कर दिया। उसने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संबंधित राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
फर्जी नामांतरण का आरोप (Img: Dynamite News)
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ओमप्रकाश का कहना है कि उसने जमीन विवाद को लेकर मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। इसके बावजूद उसे अब तक न्याय नहीं मिला। उसने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
ओमप्रकाश के तेल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचने की घटना को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, खबर के अनुसार, ओमप्रकाश अब तेल लेकर पहुंचने से जुड़ी बात से इनकार कर रहा है। हालांकि, उसके बयान में बदलाव की वजह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में प्रशासन के दबाव में उसके पलटने की बात को भी बिना पुष्टि के तथ्य नहीं माना जा सकता। फिलहाल जमीन के कथित फर्जी नामांतरण और राजस्व कर्मियों पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच या प्रशासनिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Kaushambi
Published : 28 October 2026, 7:52 PM IST
Topics : Collectorate Complaint Fake Land Mutation Kaushambi News Land Fraud Allegation land dispute