
कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत (Image Source: Pinterest)
Kanpur: कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। पांच जून को पत्नी निहारिका द्वारा चाकू मारकर घायल किए गए मनीष ने 11 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन आखिरकार दम तोड़ दिया। अब इस मामले में छह वर्षीय बेटे की गवाही और परिवार के आरोपों ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।
मनीष की मां मीरा देवी के मुताबिक घटना के दिन जब वह अपार्टमेंट के गेट की ओर दौड़ीं तो उन्होंने अपने बेटे को खून से लथपथ हालत में सीढ़ियों से उतरते देखा। उसके साथ छह साल का बेटा भी था। उस वक्त मनीष के मुंह से निकले शब्द थे—“मां... निहारिका ने मार दिया।” परिवार का कहना है कि यह दृश्य आज भी उनकी आंखों के सामने ताजा है।
परिजनों के अनुसार मनीष ने वर्ष 2017 में निहारिका से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन पिछले दो वर्षों से दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। परिवार का आरोप है कि निहारिका किसी पुरुष मित्र से घंटों फोन पर बात करती थी, जिसका मनीष विरोध करता था।
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घटना के समय छह वर्षीय बेटा कमरे में मौजूद था। परिवार के मुताबिक बच्चे ने पुलिस और परिजनों को बताया कि उसकी मां किसी व्यक्ति से फोन पर बात कर रही थीं। इसी दौरान पिता ने विरोध किया और दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। बच्चे के अनुसार विवाद बढ़ने पर निहारिका ने चाकू उठाकर हमला कर दिया।
परिवार ने आरोप लगाया है कि निहारिका की बातचीत अंग्रेज सिंह नाम के व्यक्ति से होती थी। पुलिस अब सर्विलांस की मदद से इस व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में होश आने पर मनीष ने भी फोन कॉल को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी थी।
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हमले के बाद मनीष एक हाथ से खून रोकते हुए और दूसरे हाथ से बेटे का हाथ पकड़कर करीब 500 मीटर दूर फीलखाना थाने पहुंचा था। पुलिस ने उसे अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अब मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई है।
Location : Kanpur
Published : 17 June 2026, 5:05 PM IST