Hamirpur: पार्क को हरा-भरा करने आए थे 200 पेड़, तीन महीने बाद जमीन पर पड़ा मिला ऐसा हाल; उठे बड़े सवाल

हमीरपुर के सिटी फॉरेस्ट पार्क में सुंदरीकरण के लिए करीब तीन महीने पहले लाए गए 200 पेड़ों में से कई सूख गए। आरोप है कि समय पर रोपण, पानी और देखरेख नहीं होने से पेड़ बर्बाद हुए। एक पेड़ की अनुमानित कीमत 1200 रुपये बताई जा रही है, जिससे सरकारी धन पर सवाल उठे हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 September 2026, 3:10 PM IST

Hamirpur: हमीरपुर जिला मुख्यालय स्थित सिटी फॉरेस्ट पार्क में सुंदरीकरण के नाम पर लापरवाही का मामला सामने आया है। पार्क परिसर में करीब तीन महीने पहले सुंदरीकरण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से करीब 200 पेड़ लाए गए थे। आरोप है कि इनमें से सभी पेड़ों का समय पर रोपण नहीं किया गया और कई पेड़ खुले में ही पड़े रह गए।

जमीन पर पड़े-पड़े सूख गए पेड़

बताया जा रहा है कि कुछ पेड़ों को पार्क परिसर में लगा दिया गया, लेकिन बड़ी संख्या में पौधों को उचित स्थान पर रोपित नहीं किया गया। खुले में पड़े इन पेड़ों को नियमित पानी और जरूरी देखरेख नहीं मिलने के कारण कई पेड़ सूख गए। इससे पार्क के सुंदरीकरण की योजना पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में कई पेड़ जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि यदि समय रहते इनका रोपण कर दिया जाता और नियमित रूप से पानी व देखरेख की व्यवस्था की जाती तो इन्हें सूखने से बचाया जा सकता था।

करीब 2.40 लाख रुपये की लागत का दावा

एक पेड़ की अनुमानित कीमत करीब 1200 रुपये बताई जा रही है। इस हिसाब से 200 पेड़ों की अनुमानित लागत करीब 2 लाख 40 हजार रुपये बैठती है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में पेड़ सूख गए हैं तो सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

मामले में यह भी सवाल है कि सुंदरीकरण के लिए पेड़ पार्क में लाने के बाद उनके रखरखाव और रोपण की जिम्मेदारी किसकी थी। समय पर पौधरोपण और पानी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह भी जांच का विषय है।

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पर्यावरण संरक्षण की मंशा पर भी सवाल

पार्क में हरियाली बढ़ाने के लिए लाए गए पेड़ों का इस तरह सूख जाना पर्यावरण संरक्षण की योजना पर भी सवाल खड़े करता है। लाखों रुपये की लागत से लाए गए पेड़ों को यदि उचित देखरेख नहीं मिलती है तो सुंदरीकरण की पूरी योजना प्रभावित हो सकती है।

अब मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों की नजर इस बात पर है कि सूखे पड़े पेड़ों को लेकर विभाग क्या कदम उठाता है और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाती है या नहीं।

अधिकारियों के जवाब का इंतजार

मामला हमीरपुर के मुख्यालय स्थित सिटी फॉरेस्ट पार्क का है। पेड़ों के सूखने और उनकी देखरेख में कथित लापरवाही को लेकर संबंधित विभाग से जवाब मांगा गया है। डीएफओ हमीरपुर अरविंद कुमार का पक्ष भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। विभाग की ओर से पेड़ों की स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर क्या जानकारी दी जाती है, इस पर सबकी नजर है।

Location :  Hamirpur

Published :  19 September 2026, 3:10 PM IST