रिश्वत लेते ही खुल गया राज… GST उपायुक्त अंबिका सिंह गिरफ्तार, 50 हजार रुपये के मामले में पहुंचीं जेल

वाराणसी में जीएसटी विभाग की एक अधिकारी की गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है। 50 हजार रुपये के कथित रिश्वत मामले में विजिलेंस ने जिस तरह कार्रवाई की, उससे कई सवाल भी उठ रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 July 2026, 5:30 PM IST

Varanasi: रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार जीएसटी (राज्य) सेक्टर-6 की उपायुक्त अंबिका सिंह को अदालत ने जेल भेज दिया है। 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ा था। उन्हें विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम द्वितीय) पूनम पाठक की अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया।

इस कार्रवाई के बाद जीएसटी विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, विजिलेंस टीम अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाया जा सके।

दादा रेस्टोरेंट के पास हुई थी गिरफ्तारी

सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की वाराणसी इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंबिका सिंह को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई चेतगंज स्थित जीएसटी (राज्य) सेक्टर-6 कार्यालय के पास दादा रेस्टोरेंट के नजदीक की गई। विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम लेते समय उन्हें पकड़ लिया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया गया।

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फाइल निस्तारण के बदले मांगी थी रकम

मामले की शुरुआत बजरडीहा के लखरांव निवासी अजय कुमार मौर्य की शिकायत से हुई थी। अजय कुमार मौर्य ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी की जीएसटी से जुड़ी फाइल के निस्तारण और स्पष्टीकरण के लिए उपायुक्त अंबिका सिंह की ओर से 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। यह मामला फरवरी 2023 के जीएसटी रिटर्न और राज्य जीएसटी आकलन से संबंधित बताया गया है।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने पहले पूरे मामले की जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की योजना बनाई।

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ट्रैप लगाकर पकड़ी गईं अधिकारी

विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर रिश्वत पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रकम के साथ भेजा गया। जैसे ही अंबिका सिंह ने कथित रूप से रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी जरूरी तथ्यों की जांच की जा रही है।

अदालत में पेश किए जाने के बाद अंबिका सिंह को जेल भेज दिया गया है। वहीं, सतर्कता अधिष्ठान ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है।

Location :  Varanasi

Published :  17 July 2026, 5:30 PM IST