
ग्रेटर नोएडा में नशे के कारोबार
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र में यमुना सिटी के पास एक गांव के पुराने मकान में चल रही सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली दो गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में ड्रग्स, उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन और आधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है।
NCB ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुक्रवार देर रात यह कार्रवाई की। जांच एजेंसी को जानकारी मिली थी कि पुराने मकान में अवैध रूप से सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही हैं। छापेमारी के दौरान दो गुप्त प्रयोगशालाओं का पता चला, जहां मादक पदार्थों के निर्माण से संबंधित सामग्री और उपकरण रखे गए थे।
फिलहाल बरामद ड्रग्स के नाम, उनकी कुल मात्रा और गिरफ्तार आरोपियों की पहचान के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन प्रयोगशालाओं का संचालन कौन कर रहा था और तैयार किए जा रहे मादक पदार्थों की आपूर्ति कहां की जाती थी।
ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय ने NCB की कार्रवाई की सराहना की। कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर इसे खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई प्रभावी कार्रवाई बताया।
पोस्ट में नशे के अवैध कारोबार में शामिल गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई और उनकी आपूर्ति शृंखला को तोड़ने पर जोर दिया गया। इसमें नारकोटिक्स कंट्रोल के विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत दिसंबर 2029 तक ड्रग कार्टेल को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार की रणनीति में अवैध ड्रग निर्माण पर रोक लगाने, तस्करी नेटवर्क की पहचान करने और मादक पदार्थों की आपूर्ति शृंखला को बाधित करने पर जोर दिया गया है।
इस मामले में विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स के निर्माण और वितरण में किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती।
जांच में कच्चे माल की आपूर्ति, संभावित खरीदारों और वितरण नेटवर्क से जुड़ी कड़ियों को खंगाला जा रहा है। एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, प्रयोगशालाएं यमुना सिटी के पास एक गांव में स्थित पुराने मकान में चल रही थीं। बताया गया है कि मकान कासना क्षेत्र के एक व्यक्ति का है, जिससे पूछताछ की जा रही है। जांच का एक पहलू यह भी है कि आरोपियों को मकान या कमरा किस तरह उपलब्ध कराया गया था।
यह भी बताया गया है कि कार्रवाई के दौरान NCB ने स्थानीय पुलिस को साथ नहीं लिया और स्थानीय स्तर पर आमद दर्ज नहीं कराई। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
फिलहाल जांच का मुख्य फोकस दोनों प्रयोगशालाओं के संचालन, ड्रग्स की आपूर्ति और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर है। आगे की कार्रवाई से इस अवैध कारोबार के वास्तविक दायरे का पता चल सकता है।
Location : Greater Noida
Published : 18 October 2026, 10:47 AM IST