“विकास दुबे जैसी मौत दो”; न्याय की मांग में उग्र हुआ हर्षित मिश्रा का परिवार, दर्द, गुस्सा और सड़कों पर उतरा इंसाफ का सवाल

बदायूं में हर्षित मिश्रा हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। डीएम चौराहे पर जमकर हंगामा हुआ, विधायक के भाई पर गंभीर आरोप लगाए गए और सीबीआई जांच की मांग उठी। प्रशासन के आश्वासन के बाद परिवार लौटा, लेकिन इंसाफ की लड़ाई अभी जारी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 18 March 2026, 1:49 PM IST

Budaun: बदायूं की सड़कों पर मंगलवार को ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। एक परिवार, जिसने अपना बेटा खोया है, अब इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है। गुस्सा इतना था कि सरेआम प्रशासन को चुनौती दी गई, नेताओं के नाम लेकर आरोप लगाए गए और यहां तक कह दिया गया कि अगर न्याय नहीं मिला तो खुद को आग लगा लेंगे। यह सिर्फ विरोध नहीं था, बल्कि टूटे हुए भरोसे और उबलते गुस्से की तस्वीर थी।

इंसाफ की तलाश में सफर

पीलीभीत के पूरनपुर से हर्षित मिश्रा का परिवार मंगलवार सुबह बदायूं के लिए निकला। उनके साथ करीब 15 लोग थे, जिनमें पिता सुशील मिश्रा, मां रानी मिश्रा, पत्नी सुमति मिश्रा और मामा विकास मिश्रा शामिल थे। परिवार के साथ पीलीभीत पुलिस की गाड़ी भी शुरू से लगी रही, लेकिन सफर के दौरान ही परिवार का गुस्सा बढ़ता गया। आरोप है कि पुलिस उन्हें सीधे एसएसपी कार्यालय ले जाने के बजाय इधर-उधर घुमाती रही, जिससे परिवार का भरोसा और टूट गया।

डीएम चौराहे पर हंगामा

दोपहर बाद जैसे ही परिवार बदायूं पहुंचा, डीएम कंपाउंड चौराहे के पास अचानक माहौल गरमा गया। परिजन सड़क पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक और ग्राम प्रधान के खिलाफ जमकर नारे लगे। देखते ही देखते वहां भीड़ इकट्ठा हो गई और पूरा इलाका तनाव में आ गया।

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“विकास दुबे जैसी मौत दो”

प्रदर्शन के दौरान परिवार ने बेहद सख्त और भावुक बयान दिए। विकास मिश्रा ने कहा कि उन्हें किसी अधिकारी पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि मुख्य आरोपी अजय को भी वही सजा दी जाए, जैसी कुख्यात अपराधी विकास दुबे को मिली थी। इतना ही नहीं, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह कर लेंगे या फिर उन्हें भी मार दिया जाए। यह बयान वहां मौजूद लोगों को भी झकझोर गया।

अधिकारियों से मुलाकात

हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार को तुरंत एसएसपी कार्यालय ले जाया गया। वहां डीएम और एसएसपी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक परिवार और प्रशासन के बीच बातचीत चली। परिवार लगातार सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा रहा। डीएम ने साफ कहा कि सीबीआई जांच का फैसला शासन स्तर पर ही हो सकता है, लेकिन वे इस मांग को आगे बढ़ाने का काम जरूर करेंगे। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है।

सीबीआई जांच की मांग

परिवार का कहना है कि उन्हें स्थानीय पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि मामला बड़ा है और इसमें प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई ही सही एजेंसी है। एसएसपी ने भी परिवार को आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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हत्या को बताया सुनियोजित साजिश

हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक साधारण हत्या नहीं है, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह अकेला नहीं था, बल्कि उसके भाई और अन्य परिजन भी इस घटना में शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई लोग घटना के समय प्लांट में अलग-अलग पदों पर तैनात थे।

आश्वासन के बाद लौटा परिवार

करीब दो घंटे की बातचीत और अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिवार का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ। शाम करीब चार बजे के बाद सभी लोग अपनी गाड़ियों से वापस पीलीभीत के लिए रवाना हो गए।

Location : 
  • Budaun

Published : 
  • 18 March 2026, 1:49 PM IST