यूपी के लाल बने मिसाल, बुजुर्ग पिता को कांवड़ में बैठाकर निकले चार श्रवण कुमार; हर कोई बोला- सतयुग आ गया

उत्तर प्रदेश की एक अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। चार बेटे 70 वर्षीय पिता को कांवड़ में बैठाकर सोरों के लहरा गंगा घाट से गंगाजल लेकर निकले हैं। करीब एक क्विंटल की कांवड़ उठाकर सोमवार को शिवालय में जलाभिषेक करेंगे।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 August 2026, 1:44 PM IST

Etah: श्रावण मास में जहां देशभर में भोलेनाथ के भक्त कांवड़ लेकर अपने आराध्य का जलाभिषेक करने निकल रहे हैं, वहीं एटा के मारहरा क्षेत्र से गुजरती एक अनोखी कांवड़ यात्रा ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस यात्रा में चार बेटे अपने 70 वर्षीय पिता को कांवड़ में बैठाकर पैदल जलाभिषेक के लिए निकले हैं। बेटों का अपने पिता के प्रति प्रेम और समर्पण देखकर रास्ते में मौजूद श्रद्धालु भी भावुक हो गए।

पिता को कांवड़ में बैठाकर निकले चार बेटे

यह अनोखी कांवड़ यात्रा आगरा के मदरा गांव से शुरू हुई है। चारों भाई अपने 70 वर्षीय पिता को कांवड़ में बैठाकर सोरों के लहरा गंगा घाट पहुंचे और वहां से गंगाजल लेकर पैदल वापस जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। चारों भाइयों ने कांवड़ में अपने पिता के वजन के बराबर गंगाजल भी रखा है। इस वजह से पूरी कांवड़ का वजन करीब एक क्विंटल बताया जा रहा है।

70 वर्षीय पिता को कांवड़ में बैठाकर सोरों के लहरा गंगा घाट पहुंचे

बारी-बारी से उठाते हैं भारी कांवड़

भारी कांवड़ को चारों भाई बारी-बारी से अपने कंधों पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं। रास्ते में पिता को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मारहरा क्षेत्र से जब यह कांवड़ यात्रा गुजरी तो सड़क पर मौजूद लोगों की नजर इस अनोखे दृश्य पर टिक गई। श्रद्धालुओं ने चारों बेटों और उनके पिता का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा की।

रोहित ब्रिगेड के सामने करो या मरो की चुनौती, जानिए क्या अब भी WTC के फाइनल में पहुँच सकता है भारत?

लोगों ने कहा- आज भी जिंदा है श्रवण कुमार की परंपरा

पिता की सेवा और उनके प्रति चारों बेटों का समर्पण देखकर स्थानीय लोगों ने इसे श्रवण कुमार की मिसाल बताया। लोगों का कहना है कि आधुनिक दौर में जब रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, ऐसे समय में चारों भाइयों ने माता-पिता के प्रति सेवा और सम्मान का प्रेरणादायक संदेश दिया है।

सनातन संस्कृति का दे रहे संदेश

श्रावण मास में निकली यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी नहीं है, बल्कि माता-पिता की सेवा और सम्मान का भी संदेश दे रही है। चारों बेटों का कहना है कि अपने पिता को कांवड़ में बैठाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

सनातन संस्कृति का दे रहे संदेश

सोमवार को करेंगे भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक

श्रद्धालु सोरों के लहरा गंगा घाट से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। यात्रा पूरी करने के बाद सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।

मारहरा क्षेत्र से गुजरते समय इस अनोखी कांवड़ यात्रा को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने इस पल को मोबाइल कैमरे में भी कैद किया। चार बेटों का पिता के प्रति यह समर्पण श्रावण मास में श्रद्धा, संस्कार और सनातन परंपरा की एक भावुक तस्वीर पेश कर रहा है।

 

Location :  Etah

Published :  7 August 2026, 12:51 PM IST