जनता का पैसा हड़पने वालों को नहीं छोड़ेंगे… देवरिया में डीएम का बड़ा एक्शन, ग्राम प्रधान समेत दो सचिवों पर गिरी गाज

देवरिया में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्यों के बाद ग्राम प्रधान और दो ग्राम पंचायत सचिवों पर सख्त कदम उठाए गए। करोड़ों नहीं, लेकिन लाखों रुपये के भुगतान को लेकर उठे सवालों ने पूरे पंचायत तंत्र में हलचल मचा दी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 July 2026, 7:23 PM IST

Deoria: देवरिया जिले में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी के निर्देश पर हुई जांच के बाद एक ग्राम प्रधान और दो ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है।

जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितताएं

जिला पंचायत राज विभाग की जांच में पता चला कि सरकारी योजनाओं के तहत किए गए भुगतान में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम प्रधान अमरीश यादव ने कथित तौर पर 'वेदांश इंटरप्राइजेज' के नाम से अपना ही फर्म बनाकर पंचायत के विकास कार्यों का भुगतान उसी फर्म के जरिए कराया। जांच टीम ने पाया कि इस फर्म के नाम पर करीब 18 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इस मामले में सरकारी धन के इस्तेमाल और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का फैसला लिया।

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दो ग्राम पंचायत सचिव भी निलंबित

इस मामले में केवल ग्राम प्रधान ही नहीं, बल्कि दो ग्राम पंचायत सचिवों पर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार सरकारी नियमों की अनदेखी और भुगतान प्रक्रिया में लापरवाही सामने आने पर दोनों सचिवों को निलंबित कर दिया गया। वहीं सलेमपुर ब्लॉक के परान छपरा गांव की ग्राम पंचायत सचिव रेखा रानी के खिलाफ भी स्वच्छता मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में विभागीय कार्रवाई की गई है।

जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी ने साफ किया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित के लिए मिलने वाले धन का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।प्रशासन का कहना है कि विकास योजनाओं का पैसा जनता की सुविधा के लिए होता है। ऐसे में यदि कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय है।

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पंचायत विभाग में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हलचल तेज हो गई है। कई पंचायत प्रतिनिधि और कर्मचारी अब अपने रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य पंचायतों के कार्यों की भी जांच तेज हो सकती है।

जिला प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ तभी लोगों तक पहुंचेगा, जब पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। इसलिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Deoria

Published :  5 July 2026, 7:23 PM IST