
बेघर हुआ दलित परिवार (Img: AI)
Deoria: जिले के बघौचघाट थाना क्षेत्र के दुलार पट्टी गांव में एक दलित परिवार ने स्थानीय व्यक्ति और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव की आबादी भूमि पर बनी उनकी रिहायशी झोपड़ी को कथित तौर पर नायब तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में हटवा दिया गया, जिससे वे खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हो गए हैं।
पीड़ित परिवार के अनुसार वे गाटा संख्या 405 की आबादी भूमि पर पिछले तीन पीढ़ियों से निवास कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि उसी स्थान के सामने खेत होने के कारण एक स्थानीय व्यक्ति को उनका वहां रहना पसंद नहीं था और इसी वजह से उन्हें बेदखल करने की कार्रवाई कराई गई।
परिजनों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उनकी झोपड़ी हटाने के साथ ही घर में रखा घरेलू सामान भी उठा लिया गया। घटना के बाद परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
झोपड़ी हटाए जाने के बाद परिवार सड़क किनारे अस्थायी रूप से रहने को मजबूर है। भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बीच परिवार के छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मामले की गहन जांच कराई जाए तो कार्रवाई के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकती हैं और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई नियमानुसार की गई थी या नहीं।
Location : Deoria
Published : 21 June 2026, 9:19 PM IST
Topics : crime news Dalit Rights Deoria