
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन (Image Source: Dynamite News)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने शासन से लेकर प्रशासन तक के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। बिहार के भोजपुर निवासी भरत भूषण तिवारी की एक कथित मुठभेड़ (एनकाउंटर) में हुई मौत का मामला अब एक बड़ा सियासी और सामाजिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं, जिसे लेकर न्याय की मांग तेज हो गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवरिया में सामाजिक कार्यकर्ता आनंद द्विवेदी के नेतृत्व में आक्रोशित नागरिकों और समाजसेवियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि इस पूरे एनकाउंटर की परतें खोली जाएं और पर्दे के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब किया जाए।
सौंपे गए ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कई प्रमुख मांगें रखी हैं। उनकी मुख्य मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच या तो केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर कोर्ट की सीधी निगरानी में इसकी न्यायिक जांच हो। इसके अलावा, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मृतक को शहीद का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता राशि सौंपने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई है।
इस दौरान मौजूद प्रबुद्ध वर्ग और समाजसेवियों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि अगर इन मांगों पर जल्द से जल्द संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो यह चिंगारी सिर्फ देवरिया या बिहार तक सीमित नहीं रहेगी। न्याय की इस लड़ाई को एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप दे दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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सूत्रों के अनुसार, इस कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को भी एक अलग से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा रही है, ताकि मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार मानकों के उल्लंघन की जांच हो सके।
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स्थानीय लोगों और परिजनों का दावा है कि जिस जगह पर एनकाउंटर की बात कही जा रही है, वहां के चश्मदीदों और पुलिस की थ्योरी में जमीन-आसमान का अंतर है। पुलिस इसे आत्मरक्षार्थ की गई फायरिंग बता रही है, जबकि परिजन इसे 'टारगेट किलिंग' का नाम दे रहे हैं।
परिजनों ने मृतक के शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और बैलिस्टिक रिपोर्ट (गोली किस एंगल से लगी) को भी सार्वजनिक करने की मांग उठाई है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
Location : Deoria
Published : 22 June 2026, 1:42 PM IST