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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (Img: Dynamite News)
Deoghar: दुर्गापूजा से पहले झारखंड के देवघर जिले में सारवां पुलिस ने लूट और छिनतई की घटनाओं की जांच के दौरान चार लोगों को पकड़ा है। इनमें एक 22 वर्षीय युवक और तीन नाबालिग शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन, 790 रुपये नकद और दो पल्सर N-160 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
यह कार्रवाई रीशन मोड़-धनहेत लूटकांड की जांच के दौरान हुई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले के तार क्षेत्र की दूसरी घटनाओं से भी जुड़े हैं या नहीं।
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को रीशन मोड़ और धनहेत के बीच हुई लूट की घटना के बाद से ही सारवां थाना पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध पल्सर मोटरसाइकिलों से नारंगी मोड़ की ओर घूम रहे हैं। आशंका थी कि वे किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नारंगी मोड़ से भैयाडीह जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर वाहन जांच शुरू कर दी। इसी दौरान दो पल्सर मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोग पुलिस की गाड़ी देखकर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया और चारों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद सामान की जांच शुरू की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पकड़े गए लोगों का पहले हुई लूट और छिनतई की घटनाओं से क्या संबंध है।
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पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें एक ओप्पो रेनो मोबाइल है, जिसे कथित तौर पर 22 सितंबर 2026 को मणिगढ़ी के पास से छीना गया था। वहीं, दूसरा मोबाइल 1 अक्टूबर को रीशन मोड़ और धनहेत के बीच हुई लूट की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है।
इसके अलावा, पुलिस ने 790 रुपये नकद और काले रंग की दो पल्सर N-160 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। पुलिस को आशंका है कि इन मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल वारदातों में किया गया होगा। बरामद सामान की मदद से अब मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पकड़े गए बालिग युवक की पहचान विष्णु कुमार दास (22 वर्ष), पिता सरलु दास, निवासी करमाटांड़, थाना जसीडीह, जिला देवघर के रूप में हुई है। उसके साथ तीन नाबालिगों को भी निरुद्ध किया गया है। नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों की भूमिका किन-किन घटनाओं में रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में हुई अन्य लूट और मोबाइल छिनतई की वारदातों से उनका कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल, जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं।
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दुर्गापूजा के दौरान बाजारों, पूजा पंडालों और प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में मोबाइल छिनतई, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। सारवां में हुई इस कार्रवाई को त्योहार से पहले संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराध पर अंकुश लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस की सक्रियता के साथ नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि त्योहार के दौरान लोग सुरक्षित माहौल में पूजा और खरीदारी कर सकें। SDPO कुलदीप कुमार का बयान: इस मामले में पुलिस की ओर से दिए गए बयान का विवरण उपलब्ध कराई गई जानकारी में शामिल नहीं है।
Location : Deoghar
Published : 16 October 2026, 8:40 PM IST