फेसबुक पर दोस्ती… ट्रेडिंग का लालच… फिर एक करोड़ की ठगी! मुज़फ्फरनगर पुलिस ने खोला साइबर गैंग का बड़ा राज”

मुज़फ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने ₹1.01 करोड़ की ऑनलाइन निवेश ठगी के मामले में एक और आरोपी शहनवाज उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराकर गिरोह की मदद करता था। पुलिस ने ₹23 लाख फ्रीज कर पीड़ित को लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 15 July 2026, 3:47 PM IST

Muzaffarnagar: मुज़फ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ₹1.01 करोड़ की ऑनलाइन निवेश ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक और शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मिले तथ्यों के आधार पर ठगी के नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ी हैं। साथ ही ठगी गई रकम में से ₹23 लाख फ्रीज कर पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में अंजाम दिया गया।

फेसबुक पर दोस्ती, फिर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा

पुलिस के अनुसार पीड़ित को फेसबुक पर "गीतिका कपूर उर्फ जीजी" नाम की महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बातचीत के दौरान महिला ने भरोसा जीतते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद पीड़ित को DGXC नाम की वेबसाइट पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। व्हाट्सएप ग्रुप में फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और निवेश संबंधी झूठी जानकारी दिखाकर उसे अलग-अलग तिथियों में कुल ₹1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करने के लिए तैयार कर लिया गया।

पैसा निकालने पर सामने आई ठगी

जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि वापस निकालने की कोशिश की, तब आरोपियों ने फाइनल वेरिफिकेशन, डेटा रिपेयरिंग और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया का हवाला देकर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। खुद को ठगा महसूस होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराता था आरोपी

जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के सदस्य शहनवाज उर्फ गुड्डू निवासी गंगोह, जनपद सहारनपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कमीशन के लालच में अपने और परिचितों के बैंक खातों की जानकारी साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस का कहना है कि इसी नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं दो अन्य आरोपियों को बी-वारंट पर तलब किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके वित्तीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

₹23 लाख फ्रीज, पीड़ित को लौटाने की प्रक्रिया शुरू

साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से ₹23 लाख फ्रीज करा दिए हैं। यह राशि पीड़ित के खाते में वापस दिलाने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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लोगों से पुलिस की अपील

एसपी साइबर क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की बातों में आकर किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश योजना में पैसा न लगाएं। किसी भी निवेश से पहले कंपनी, वेबसाइट और उसके लाइसेंस की पूरी जांच करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  15 July 2026, 3:45 PM IST