
CBI की बड़ी कार्रवाई (फोटो: Pinterest)
New Delhi: देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाले साइबर ठगी के मामलों के बीच CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने एक बुजुर्ग को सरकारी जांच और गिरफ्तारी का डर दिखाकर करोड़ों रुपये ठग लिए। इस मामले में ओडिशा और राजस्थान में कई जगह छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
CBI के मुताबिक, यह कार्रवाई 30 जून 2026 को ओडिशा और राजस्थान में की गई। जांच के दौरान दो आरोपियों को ओडिशा के बालासोर से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे आरोपी को राजस्थान के नागौर से पकड़ा गया। एजेंसी ने आरोपियों के ठिकानों से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच जारी है।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने ओडिशा के एक बुजुर्ग को फर्जी तरीके से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। आरोपियों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि वह गंभीर मामले में फंस चुके हैं। गिरफ्तारी से बचने और जांच में सहयोग के नाम पर पीड़ित से करीब 2.07 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
CBI ने बताया कि इस मामले में 25 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फर्जी कंपनी और ट्रस्ट के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। ठगी से मिली रकम को कई खातों में घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाई जाती थी। इस तरीके का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर ठगी के पैसों को ट्रैक होने से बचाने के लिए किया जाता था।
छापेमारी के दौरान बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों से गिरोह के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। CBI अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि इस तरीके से देश के अन्य राज्यों में कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
CBI ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, CBI, ED, कस्टम या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या फोन पर डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी दे और पैसे मांगने लगे, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।
Location : New Delhi
Published : 4 July 2026, 7:00 PM IST