
ITI भवन निर्माण में देरी पर बड़ी कार्रवाई (IMG: Dynamite News)
Deoria News: सरकारी भवन तैयार करने की समय सीमा तय थी, विभाग की ओर से लगातार पत्राचार भी किया गया, लेकिन तारीख निकल गई और निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। मामला देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव में निर्माणाधीन राजकीय आईटीआई कॉलेज के भवन का है। निर्धारित समय पर भवन हैंडओवर नहीं होने के बाद अब मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर संबंधित अभियंताओं, कर्मचारियों और निर्माण फर्म के प्रोपराइटर समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बंजरिया गांव में राजकीय आईटीआई कॉलेज के भवन का निर्माण कराया जा रहा है। विभाग के मुताबिक भवन को 31 जुलाई तक संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाना था। इसके लिए निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना जरूरी था। लेकिन 31 जुलाई की समय सीमा बीतने के बाद भी भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक निर्माण कार्य पूरा कराने और देरी का कारण बताने के लिए संबंधित लोगों को कई बार पत्राचार किया गया।
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निर्माण कार्य में देरी के मामले को लेकर जिलाधिकारी देवरिया ने संज्ञान लिया। इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विमलेश कुमार मौर्य को मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने तरकुलवा थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक तहरीर के आधार पर अंसार हुसैन, गुलनबाज अंसारी, रिजवान खान, सहायक अभियंता रियाजुद्दीन शरीफ, राहुल मोदनवाल, खुर्शीद आलम, विमलेश सिंह, प्रज्ञान्शु राज तथा फर्म के प्रोपराइटर भानु प्रकाश मिश्रा समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। नामजद लोगों में निर्माण कार्य से जुड़े अभियंताओं, कर्मचारियों और फर्म से संबंधित लोग शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब मुकदमे में दर्ज आरोपों और निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद तरकुलवा पुलिस टीम निर्माणाधीन राजकीय आईटीआई भवन के परिसर में पहुंची। पुलिस ने मौके की स्थिति का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की मौजूदा प्रगति की जानकारी ली। जांच के दौरान पुलिस निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड को भी देख रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भवन निर्माण का काम किस स्थिति में था, निर्धारित समय सीमा क्या थी और समय पर काम पूरा नहीं होने के पीछे क्या कारण रहे।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विमलेश कुमार मौर्य के मुताबिक सरकारी भवन को तय समय के अनुसार विभाग को हैंडओवर किया जाना था। इसके लिए संबंधित लोगों को कई बार पत्राचार के माध्यम से निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारी के मुताबिक निर्माण कार्य में देरी को लेकर कारण भी पूछा गया, लेकिन विभाग को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कानूनी कार्रवाई की गई।
राजकीय आईटीआई भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से जुड़ा यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। एक तरफ विभाग ने निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं होने को लेकर सख्त कदम उठाया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस यह जांच कर रही है कि निर्माण में देरी के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच के दौरान निर्माण की वास्तविक प्रगति, विभागीय पत्राचार, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और फर्म से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति साफ होगी।
Location : Deoria
Published : 3 October 2026, 12:45 PM IST