Bharat Tiwari Encounter: आखिर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा- पहले हाई कोर्ट जाइए…

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। सीबीआई जांच की मांग पर अदालत ने जो कहा, उसके बाद अब निगाहें अगले कानूनी कदम पर टिक गई हैं। उधर गांव में तेरहवीं की तैयारियां भी चर्चा में हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 June 2026, 4:27 PM IST

Patna: भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल दखल देने से इनकार कर दिया है। सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले पटना हाई कोर्ट जाने की सलाह दी। इस फैसले के बाद मामला अब नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

याचिका में क्या-क्या मांग रखी गई थी?

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में भरत तिवारी एनकाउंटर की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई थी। इसके साथ ही घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई गई। याचिकाकर्ता ने यह भी आग्रह किया था कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एनकाउंटर कानून के दायरे में हुआ या नहीं।

कोर्ट ने क्यों कहा- पहले हाई कोर्ट जाइए?

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता पहले संबंधित हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं। अदालत ने सीधे तौर पर मामले के तथ्यों पर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी। इस फैसले के बाद अब पटना हाई कोर्ट में नई याचिका दाखिल किए जाने की संभावना बढ़ गई है।

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परिवार अब भी सीबीआई जांच पर अड़ा

भरत तिवारी के परिजन लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार का दावा है कि पुलिस कार्रवाई से पहले भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी छोड़ दिया था। इसके बावजूद उनका एनकाउंटर कर दिया गया। हालांकि बिहार सरकार पहले ही इस मामले में न्यायिक जांच का ऐलान कर चुकी है, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें इस जांच पर भरोसा नहीं है। इसी वजह से वे स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग दोहरा रहे हैं।

परिजनों ने रखीं कई अन्य मांगें

सीबीआई जांच के अलावा परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने, उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और बिलौटी गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही गांव का नाम बदलकर "शहीद भरत तिवारी जवइनियां" रखने की मांग भी की जा रही है।

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तेरहवीं में हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद

17 जून को हुए एनकाउंटर के बाद आज भरत तिवारी की तेरहवीं का आयोजन किया जा रहा है। परिजनों ने बड़े स्तर पर कार्यक्रम की तैयारी की है। अनुमान है कि बिहार समेत कई राज्यों से 20 से 25 हजार लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच सकते हैं। भोजन की व्यवस्था के लिए करीब 100 हलवाई और 300 से अधिक सहायक लगातार काम कर रहे हैं। वहीं बाहर से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए लगभग 500 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पानी, टेंट और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी बड़े पैमाने पर की गई हैं।

Location :  New Delhi

Published :  30 June 2026, 4:27 PM IST