फेसबुक लाइव, फिर गोलियां… भरत तिवारी एनकाउंटर केस में FIR ने खोले नए सवाल, क्या हुआ था उस दिन सच में?

भरत तिवारी एनकाउंटर केस अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। SDPO, SHO समेत पांच पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज होने के बाद मामले ने फिर से हलचल मचा दी है। मां के गंभीर आरोप, फेसबुक लाइव का दावा और गोली चलाने की कहानी- सब कुछ सवालों के घेरे में है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 June 2026, 6:50 PM IST

Patna: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार मामला पुलिसकर्मियों पर दर्ज FIR को लेकर चर्चा में है। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए इस कथित एनकाउंटर में SDPO, SHO समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई भरत तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन के आधार पर की गई है। भोजपुर के एसपी राज ने इस बात की पुष्टि की है।

मां के आरोपों ने बढ़ाई जांच की जटिलता

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा कोई आम व्यक्ति नहीं था, बल्कि वह बाढ़ विस्थापितों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहा था और प्रशासन के सामने सवाल रख रहा था। आवेदन में कहा गया है कि घटना वाले दिन पुलिस के कई अधिकारी और जवान उनके घर पहुंचे और भरत तिवारी को साथ चलने के लिए कहा गया। इसके बाद जो घटनाक्रम हुआ, उसे लेकर परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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‘फेसबुक लाइव के दौरान हथियार फेंक दिया था’

आशा देवी के अनुसार, जिस समय पुलिस भरत तिवारी को अपने साथ ले गई, उसी दौरान वह फेसबुक लाइव कर रहे थे। इस लाइव के दौरान उन्होंने अपने हाथ में मौजूद हथियार को फेंक दिया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें जमीन पर गिराया और फिर उन पर गोलियां चलाई गईं। आवेदन में दावा किया गया है कि इस घटना में भरत तिवारी को पांच गोलियां लगी थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

DSP के आदेश पर गोली चलाने का आरोप

मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। आशा देवी ने कहा है कि गोली चलाने का आदेश जगदीशपुर के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) की ओर से दिया गया था। परिवार का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सवालों के घेरे में है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिजनों ने यह भी मांग की है कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले।

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घंटों तक परिवार अंधेरे में रखा गया

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद पुलिस भरत तिवारी को अपने साथ ले गई, लेकिन परिवार को कई घंटों तक कोई सही जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि शाम के समय अचानक उन्हें बताया गया कि भरत तिवारी की मौत हो चुकी है। इस सूचना के बाद घर में मातम छा गया और पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

FIR के बाद मामला फिर चर्चा में

अब इस पूरे मामले में FIR दर्ज होने के बाद जांच की दिशा पर सबकी नजरें टिकी हैं। SDPO, SHO समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज केस ने इस घटना को एक बार फिर विवादों में ला दिया है।

Location :  Patna

Published :  23 June 2026, 6:50 PM IST