Amethi News: सवा लाख श्रद्धालुओं की भीड़, फिर भी जीरो एक्सीडेंट; कैसे?

अमेठी में सावन के दौरान शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती थी। मंदिरों से लेकर प्रमुख मार्गों तक कई स्तरों पर इंतजाम किए गए। लेकिन इस पूरी व्यवस्था के पीछे क्या खास रणनीति थी?

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 29 August 2026, 8:47 AM IST

Amethi: सावन माह के दौरान अमेठी के 18 प्रमुख शिव मंदिरों में करीब 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने पहुंचकर जलाभिषेक और दर्शन किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद जिले में किसी श्रद्धालु की दुर्घटना में मौत या किसी बड़ी जनहानि का मामला सामने नहीं आया। अमेठी पुलिस ने इसे अपने जीरो इंसीडेंट और जीरो एक्सीडेंट अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है।

सावन के पूरे महीने मंदिरों और कांवड़ियों के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। पुलिस के मुताबिक भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त सुरक्षा बल की मदद से लगातार निगरानी रखी गई।

850 पुलिसकर्मियों ने संभाली सुरक्षा की कमान

पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी ने शुक्रवार को सावन पर्व के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के 18 प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 850 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मियों को प्रमुख मंदिरों के साथ-साथ कांवड़ियों के प्रमुख मार्गों पर भी लगाया गया था। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक कंपनी पीएसी की व्यवस्था की गई थी।

इसके साथ ही प्रत्येक थाने से एक क्यूआरटी टीम भी तैनात की गई थी। इन टीमों को किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया था।

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी रहा फोकस

सावन मेले के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे। जिले में 120 महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनकी तैनाती मंदिरों और भीड़ वाले स्थानों पर की गई।

पुलिस के अनुसार, पूरे आयोजन के दौरान छेड़छाड़, अशांति या कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से महिला श्रद्धालुओं को भी सुरक्षा का भरोसा मिला।

आसमान से भी रखी गई नजर

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने पहली बार नहीं बल्कि इस आयोजन में आधुनिक निगरानी व्यवस्था का व्यापक इस्तेमाल किया। चार ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ और प्रमुख स्थानों पर नजर रखी गई।

ड्रोन के माध्यम से भीड़ की स्थिति की निगरानी के साथ अराजकतत्वों पर भी नजर रखी गई। पुलिस के मुताबिक चौकस सुरक्षा व्यवस्था के कारण चोरी, स्नैचिंग या अन्य बड़ी आपराधिक घटना सामने नहीं आई।

चार ट्रैफिक टीमों ने संभाला मोर्चा

श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जाम और सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए चार ट्रैफिक टीमें लगाई गई थीं।

ये टीमें लगातार प्रमुख मार्गों पर भ्रमण करती रहीं और जरूरत के अनुसार यातायात को नियंत्रित करती रहीं। पुलिस का उद्देश्य था कि मंदिर जाने और लौटने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और सड़क पर किसी दुर्घटना की स्थिति न बने।

पड़ोसी जिलों की पुलिस से भी बनाया गया तालमेल

सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित मंदिरों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अमेठी पुलिस ने आसपास के जिलों के साथ भी समन्वय स्थापित किया। रायबरेली, बाराबंकी और अयोध्या की पुलिस के साथ तालमेल बनाया गया।

इसके अलावा जीआरपी और आरपीएफ के साथ भी समन्वय किया गया, ताकि रेलवे मार्ग से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

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दण्डेश्वर धाम में 30 गोताखोर और 200 वालेंटियर

गोमती नदी के किनारे स्थित दण्डेश्वर धाम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस विभाग की ओर से 30 अतिरिक्त गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी।

इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था में 200 से अधिक वालेंटियर लगाए गए थे। इससे मंदिर परिसर और स्नान स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली।

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श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा

सावन के दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए कई मंदिरों में पुष्प वर्षा भी की गई। दण्डेश्वर धाम में पहली बार श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा की गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

पुलिस अधीक्षक सरवणन टी भी कई मौकों पर श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा करते दिखाई दिए। सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं के सम्मान और स्वागत पर भी पुलिस ने ध्यान दिया।

कुल मिलाकर, अमेठी में सावन के दौरान भारी भीड़ के बावजूद पुलिस, पीएसी, महिला पुलिस, ट्रैफिक टीम, ड्रोन, गोताखोर और वालेंटियर की संयुक्त व्यवस्था ने पूरे आयोजन को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई।

Location :  Amethi

Published :  29 August 2026, 8:47 AM IST