29 जनवरी को शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी फिसले, जबकि रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। जानें बाजार गिरने की वजह, टॉप गेनर्स-लूजर्स और आज किन शेयरों पर रही खास नजर।

शेयर बाजार (Img source: google)
New Delhi: भारतीय शेयर बाजार में 29 जनवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। सुबह के कारोबार में BSE सेंसेक्स 250 अंकों से ज्यादा टूटकर 82,094.23 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 60.80 अंक गिरकर 25,281.95 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।
आज शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 91.99 तक फिसल गया और कुछ समय के लिए 92 के ऊपर भी कारोबार करता दिखा। इससे पहले रुपया 91.79 पर बंद हुआ था। रुपये की इस कमजोरी से विदेशी निवेशकों (FII) की चिंता बढ़ी और बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
आज के सत्र में बाजार का रुख पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहा।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक,
इन सभी कारणों से निवेशकों ने फिलहाल सतर्क रुख अपनाया है। इसके अलावा विदेशी बाजारों में अनिश्चितता और आगामी आर्थिक आंकड़ों को लेकर भी बाजार में असमंजस बना हुआ है।
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Rail Vikas Nigam (RVNL)
RVNL-GPT जॉइंट वेंचर ने ₹1,201.35 करोड़ की बड़ी परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाई है। यह प्रोजेक्ट उत्तर रेलवे के तहत वाराणसी के पास गंगा नदी पर 11 नए रेल-कम-रोड ब्रिज के निर्माण से जुड़ा है, जिसमें चार रेलवे ट्रैक और छह लेन का रोड डेक शामिल होगा।
Wipro
आईटी दिग्गज Wipro ने एंटरप्राइज सेक्टर में AI-पावर्ड एजेंट-नेटिव डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए Factory के साथ साझेदारी की है। साथ ही Wipro Ventures ने Factory के हालिया फंडिंग राउंड में निवेश भी किया है।
Vedanta और Hindustan Zinc
Vedanta ने Hindustan Zinc के OFS में 1.4 करोड़ अतिरिक्त शेयर खरीदने का विकल्प इस्तेमाल किया है, जिससे कुल ऑफर साइज बढ़कर 4.75 करोड़ शेयर हो गया है।
Union Bank of India
Union Bank ने धीरेंद्र जैन को नया CFO नियुक्त किया है। वे 1 फरवरी से कार्यभार संभालेंगे, जबकि मौजूदा CFO अविनाश वसंत प्रभु 31 जनवरी को पद छोड़ेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक रुपये में स्थिरता नहीं आती और वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल बड़े दांव लगाने से बचने और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।