
सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट (img source: google)
New Delhi: मंगलवार, 17 फरवरी की सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मजबूत डॉलर, कमजोर स्पॉट डिमांड और मुनाफावसूली के चलते बहुमूल्य धातुएं दबाव में रहीं।
Multi Commodity Exchange (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना वायदा करीब ₹1,200 यानी लगभग 0.80% टूटकर ₹1,53,532 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी वायदा में ₹4,700 से ज्यादा यानी करीब 2% की गिरावट देखी गई और यह ₹2,35,142 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। पिछले सत्र में भी सोना अप्रैल वायदा करीब 1% गिरकर ₹1,54,760 पर बंद हुआ था, जबकि चांदी मार्च वायदा लगभग 2% टूटकर ₹2,39,891 प्रति किलोग्राम पर आ गई थी।
अमेरिकी डॉलर में मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। डॉलर इंडेक्स 2% से ज्यादा बढ़कर 97.15 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर में मूल्यांकित बुलियन विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया। इसके अलावा एशियाई बाजारों, खासकर चीन में लूनर न्यू ईयर के चलते छुट्टियां रहने से वैश्विक ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा। कम भागीदारी के कारण कीमतों में तेजी की संभावनाएं सीमित रहीं।
बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली नीति दिशा पर टिकी है। Federal Reserve की पिछली बैठक के मिनट्स, एडवांस अमेरिकी जीडीपी आंकड़े और PCE महंगाई डेटा इस हफ्ते दिशा तय कर सकते हैं। ट्रेडर्स फिलहाल इस साल तीन बार ब्याज दरों में कटौती की संभावना देख रहे हैं, जिसमें पहली कटौती जुलाई में हो सकती है। हालांकि डॉलर की मजबूती फिलहाल सोने की चमक को फीका कर रही है। साथ ही अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने से सुरक्षित निवेश की मांग कुछ कम हुई है, जिससे सोने-चांदी पर अतिरिक्त दबाव बना है।
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुएं फिसलीं। स्पॉट सिल्वर करीब 2.7% गिरकर 74.51 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि स्पॉट गोल्ड लगभग 0.9% टूटकर 4,947.98 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.6% गिरकर 4,966.80 डॉलर प्रति औंस पर रहे। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी क्रमशः 0.8% और 1.5% की गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह सोना और चांदी की दिशा मुख्य रूप से डॉलर इंडेक्स, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और फेड की ब्याज दर नीति से तय होगी। आमतौर पर कम ब्याज दर का माहौल सोने के लिए सकारात्मक माना जाता है, लेकिन फिलहाल मजबूत डॉलर और कमजोर मांग के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
Location : New Delhi
Published : 17 February 2026, 10:14 AM IST