Gold Price: सोना-चांदी की कीमत पर ईरान-इजरायल युद्ध का बड़ा असर, जानिये क्या है रेट

ईरान युद्ध के बीच सोने की कीमतों में अप्रत्याशित गिरावट देखी जा रही है। मजबूत डॉलर, मुनाफावसूली और कमजोर मांग के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 23 March 2026, 10:13 AM IST

New Delhi: 27 फरवरी 2026 को ईरान युद्ध शुरू होने से ठीक पहले भारत में सोने की कीमत 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी। लेकिन 21 मार्च तक, यानी 22 दिनों में यह करीब 8% गिरकर 1.47 लाख रुपये रह गई। हालांकि आज सोमवार सोने की कीमत 1.46 लाख रुपये है। आमतौर पर युद्ध के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसकी कीमत बढ़ती है, लेकिन इस बार ट्रेंड उल्टा देखने को मिला है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट

केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। गोल्ड करीब 14% गिरकर 4,488 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। यह गिरावट वैश्विक निवेशकों के बदले रुख का संकेत दे रही है।

देश के प्रमुख शहरों में ताजा भाव

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर 1,46,110 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में यह कीमत 1,45,960 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। एक सप्ताह में 24 कैरेट सोना 13,690 रुपये सस्ता हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोना 12,550 रुपये तक गिरा है।

सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक हफ्ते में टूटा बड़ा रिकॉर्ड, जानिए आज के ताजा रेट

आमतौर पर युद्ध में सोना क्यों बढ़ता है?

इतिहास गवाह है कि युद्ध या वैश्विक संकट के समय निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। 1990 का गल्फ वॉर और 2003 का इराक युद्ध इसके उदाहरण हैं, जब सोने में तेजी आई थी। 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी शुरुआत में सोने के दाम बढ़े थे।

इस बार गिरावट के चार बड़े कारण

इस बार सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अहम कारण सामने आए हैं।

  • पहला, डॉलर की मजबूती डॉलर मजबूत होने से सोना महंगा लगता है और इसकी मांग घट जाती है।
  • दूसरा, ब्याज वाले निवेश ब्याज दरों के स्थिर रहने से निवेशकों ने डॉलर में निवेश बढ़ाया।
  • तीसरा, मुनाफावसूली 2025 में सोना 74% तक चढ़ चुका था, इसलिए निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया।
  • चौथा, भारत में कमजोर मांग महंगे दाम के चलते ग्राहकों ने खरीदारी कम कर दी, जिससे बाजार दबाव में आया।

चांदी में भी उतार-चढ़ाव जारी

चांदी के बाजार में भी इसी तरह का ट्रेंड देखा गया है। 2025 की शुरुआत में 86,000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2026 में यह 3.39 लाख तक पहुंची, लेकिन अब गिरकर करीब 2.32 लाख रह गई है। हालांकि औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि 2026 के अंत तक सोना 6,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। अगर रुपया कमजोर रहा तो भारत में कीमतें 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। हालांकि यह काफी हद तक युद्ध, तेल की कीमतों और डॉलर की स्थिति पर निर्भर करेगा।

सोने-चांदी की कीमत में लगातार गिरावट, निवेशकों में बढ़ी चिंता; जानिये अब कितना हुआ रेट

निवेशकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है। एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। लंबी अवधि में सोना और चांदी दोनों में संभावनाएं बनी हुई हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 23 March 2026, 10:13 AM IST