
आईआईटी दिल्ली में छात्र की संदिग्ध मौत (Img- Dynamite News)
New Delhi: आईआईटी दिल्ली जैसी प्रतिष्ठित संस्था में पढ़ाई करना हर छात्र और उसके परिवार का सपना होता है। बेगूसराय (बिहार) के बखरी निवासी ऋषिकेश कुमार भी इन्हीं बड़े सपनों के साथ दिल्ली पहुंचा था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मेधावी ऋषिकेश का यह सफर इतना दर्दनाक मोड़ ले लेगा।
कैंपस की एक इमारत की छठी मंजिल से गिरकर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना से महज दो दिन पहले ऋषिकेश की अपनी मां आशा पोद्दार से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। उसमें किसी बड़े तनाव का कोई सीधा संकेत नहीं मिला था।
लेकिन मौत के बाद मां का आरोप है कि बेटा भीतर ही भीतर हॉस्टल न मिलने की समस्या से बुरी तरह जूझ रहा था। हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया और उससे जुड़े कथित अपमानजनक व्यवहार ने छात्र को मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
इस दुखद घटना ने देश के शीर्ष संस्थानों में छात्रों को मिलने वाले संसाधनों और प्रशासनिक रवैये पर फिर सवाल खड़ा कर दिया है। मां ने दिल्ली पुलिस को दिए आवेदन में स्पष्ट तौर पर हॉस्टल आवंटन न होने और छात्र को मानसिक प्रताड़ना दिए जाने का आरोप लगाया है। आखिर क्यों एक छात्र को बुनियादी हॉस्टल सुविधा के लिए इतना संघर्ष करना पड़ा कि उसकी जान पर बन आई?
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पोस्टमार्टम के बाद ऋषिकेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, लेकिन पीछे छोड़ गया है कई अनुत्तरित सवाल। परिजनों ने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि घटना से पहले की परिस्थितियों, हॉस्टल से जुड़े विवाद और कॉलेज प्रशासन की भूमिका की गहन समीक्षा हो ताकि ऋषिकेश को न्याय मिल सके।
Location : New Delhi
Published : 26 August 2026, 12:44 PM IST
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