
बिहार बंद ने बदला आंदोलन का संदेश (Img- X)
Patna: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में कई जगह छात्रों ने खुशी जताई, लेकिन बिहार में तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी। छात्र संगठनों के आह्वान पर शनिवार को बिहार बंद आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों ने साफ संदेश दिया कि उनका आंदोलन सिर्फ किसी एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग अभी भी जारी रहेगी।
शिवहर के जीरोमाइल चौक पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा गया। छात्रों ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है, इसलिए केवल राजनीतिक बदलाव नहीं बल्कि व्यवस्था में सुधार जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को दोहराया गया।
पटना के डाकबंगला चौराहे पर छात्रों ने इस्तीफे की खबर मिलते ही खुशी जताई और जीत के नारे लगाए। हालांकि छात्र नेताओं का कहना था कि यह आंदोलन की पहली सफलता है, अंतिम मंजिल नहीं। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन, लाठीचार्ज और उसके बाद देशभर में उठी आवाज ने पूरे मुद्दे को राष्ट्रीय बहस बना दिया। इसी दबाव के बीच हुए घटनाक्रम के बाद बिहार बंद ने यह दिखाया कि छात्रों की एकजुटता अब किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही। युवाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
छात्र संगठनों का कहना है कि वे अपनी अगली रणनीति जल्द घोषित करेंगे। उनका फोकस केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, जवाबदेही तय करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदमों की मांग पर रहेगा। बिहार बंद ने यह संदेश दे दिया कि युवाओं की आवाज अब लंबे समय तक नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
Location : Patna
Published : 25 July 2026, 5:38 PM IST