
नई इलेक्ट्रिक कार टेस्ला रोडस्टर (सोर्स- टेस्ला एक्स )
New Delhi: इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली मशहूर कंपनी टेस्ला (Tesla) ने आखिरकार अपनी नई डिजाइन वाली रोडस्टर (Roadster) से पर्दा उठा दिया है। कंपनी ने साल 2017 में इसके पहले कॉन्सेप्ट को दुनिया के सामने पेश किया था और इसके लगभग 9 साल बाद अब इस शानदार कार का नया अवतार सामने आया है। इस बार इसे बेहद शार्प और आधुनिक डिजाइन दिया गया है। कंपनी ने इसे कुल तीन अलग-अलग वेरिएंट्स- परफॉर्मेंस, थ्रस्ट और रॉकेट में पेश किया है। इसमें सबसे एडवांस रॉकेट मॉडल दिया गया है, जिसकी मदद से यह कार हवा में भी स्टंट कर सकती है।
एक लाइव शो के दौरान टेस्ला ने इस कार की अनोखी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। कंपनी ने दिखाया कि यह कार हवा में पलट सकती है, उल्टी चल सकती है और बैरल रोल जैसे हैरान करने वाले स्टंट भी कर सकती है। इस कार के तीनों वेरिएंट्स की खासियतें इस प्रकार हैं-
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परफॉर्मेंस वेरिएंट: यह इस सीरीज का शुरुआती मॉडल है, जिसमें दो लोगों के बैठने की जगह दी गई है। इसे खासतौर पर आम सड़कों पर चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें एक्टिव एयरोडायनामिक्स और मल्टी-मोड सक्शन सिस्टम मिलता है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल 1.6 सेकंड से भी कम समय में 0 से 60 मील प्रति घंटा (करीब 96.56 किमी/घंटा) की रफ्तार पकड़ सकता है।
थ्रस्ट वेरिएंट: यह दो सीटों वाला मॉडल है जिसे मुख्य रूप से रेस ट्रैक पर चलाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें सक्शन सिस्टम के साथ-साथ पिछले हिस्से में कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स दिए गए हैं। कंपनी का दावा है कि यह वेरिएंट 0.9 सेकंड से भी कम समय में 0 से 60 मील प्रति घंटा की रफ्तार हासिल कर सकता है।
रॉकेट वेरिएंट: यह इस लाइनअप का सबसे टॉप और सिंगल-सीट मॉडल है। इसके चारों तरफ कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स लगाए गए हैं, जो कार को आगे बढ़ाने, ऊपर उठाने और घूमने की गति में मदद करते हैं। इसका 0 से 60 मील प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने का समय 0.59 सेकंड से भी कम बताया गया है। इस रॉकेट मॉडल की टॉप-स्पीड 230 मील प्रति घंटा (370 किमी/घंटा) से ज्यादा है।
टेस्ला का दावा है कि इस कार में इस्तेमाल किया गया थ्रस्टर सिस्टम टायरों से मिलने वाले फोर्स से चार से पांच गुना ज्यादा फोर्स पैदा कर सकता है। रोडस्टर के लिए इस थ्रस्टर तकनीक को स्पेसएक्स (SpaceX) से लिया गया है, जिसके वास्ते नए हार्डवेयर और कंट्रोल्स की जरूरत पड़ी। कार में कंप्रेस्ड गैस को स्टोर करने के लिए कार्बन-फाइबर ओवरव्रैप्ड वेसल का इस्तेमाल किया गया है, जो कार में उपलब्ध जगहों पर रखे जाते हैं। ज्यादा कंप्रेस्ड गैस होने से हवा में रहने या स्टंट करने का समय बढ़ जाता है, हालांकि कंपनी ने अभी इसकी सटीक समय-सीमा का खुलासा नहीं किया है। इसके अलावा, बिना किसी खास टेस्ट साइकिल या वेरिएंट का नाम लिए इस कार की रेंज 483 किलोमीटर से ज्यादा होने की बात कही गई है।
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कार के भीतर की बात करें तो टेस्ला ने इसमें ग्रे माइक्रोस्वेड (Grey Microsuede) डिटेलिंग और सपोर्टिव सीट बोल्सटर्स के साथ एक अल्ट्राव्हाइट केबिन दिया है। गाड़ी का वजन कम रखने के लिए इसमें मैनुअल कंट्रोल और फिक्स सीट पोजीशन जैसी खूबियां जोड़ी गई हैं। इसके अलावा, वजन को सीमित रखने के लिए मैग्नीशियम, टाइटेनियम और कार्बन फाइबर जैसी हल्की सामग्री का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है।
Location : New Delhi
Published : 16 October 2026, 12:36 PM IST