लुधियाना में बिना ड्राइवर के सड़क पर दौड़ी MG Windsor EV, जानिए क्या थी इस वायरल घटना की असली वजह

लुधियाना में बिना ड्राइवर के सड़क पर दौड़ी MG Windsor EV का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। लोगों ने इसे सेल्फ-ड्राइविंग कार समझा, लेकिन सच्चाई क्या है जानते हैं पूरी खबर में।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 September 2026, 12:25 PM IST

Ludhiana: सोशल मीडिया पर हाल ही में एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक सफेद रंग की एमजी विंडसर ईवी (MG Windsor EV) सड़क पर बिना किसी ड्राइवर के खुद-ब-खुद आगे बढ़ती नजर आई। इस दौरान गाड़ी सड़क किनारे लगी रेहड़ियों से टकराती हुई आगे बढ़ी और कार का मालिक उसके साथ-साथ दौड़ते हुए लोगों को रास्ते से हटने के लिए चेतावनी देता दिखा। इस वीडियो को देखने के बाद इंटरनेट पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और लोगों ने इसे कार के 'सेल्फ-ड्राइव' या ऑटोनॉमस होने की घटना समझ लिया। हालांकि, असल मामला कुछ और ही था।

क्या था वायरल वीडियो का सच?

शुरुआत में इस घटना को देखकर लोगों को लगा कि यह किसी ऑटोमैटिक या सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक का नतीजा है। लेकिन सामने आई तकनीकी जानकारियों के मुताबिक, यह मामला किसी ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम का नहीं, बल्कि कार के 'ड्राइव मोड' और 'क्रीप मोड' के गलत तालमेल का था। एमजी विंडसर ईवी के दस्तावेजों में 'क्रीप फंक्शन' का जिक्र मिलता है। इसके तहत, जब ऑटोमैटिक कार 'ड्राइव' या 'रिवर्स' मोड में होती है और ड्राइवर ब्रेक से पैर हटा लेता है, तो कार बिना एक्सीलेरेटर दबाए बेहद धीमी रफ्तार से आगे या पीछे बढ़ने लगती है। यह फीचर आमतौर पर ट्रैफिक या पार्किंग में आसानी के लिए दिया जाता है।

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कैसे हुआ यह हादसा?

कार्टoq की एक रिपोर्ट के अनुसार, एमजी विंडसर ईवी के ही एक अन्य मालिक ने इस पूरी घटना के पीछे की तकनीकी वजह का खुलासा किया है। इस गाड़ी में ड्राइवर की सीट बेल्ट और ड्राइविंग स्टेटस का सेंसर अहम भूमिका निभाता है।

आमतौर पर जब कार 'ड्राइव' मोड में हो और ड्राइवर गाड़ी से बाहर निकलता है, तो सुरक्षा के लिहाज से कार खुद-ब-खुद 'पार्क' मोड में चली जाती है। लेकिन इस घटना में एक बड़ी लापरवाही सामने आई। कई लोग सीट बेल्ट के बजर या चेतावनी की आवाज से बचने के लिए उसे अपने शरीर के आर-पार लगाने के बजाय, सीट के पीछे से खींचकर लॉक कर लेते हैं और फिर उसी पर बैठ जाते हैं। इससे बाहर से सीट खाली नजर आती है, लेकिन कार के सेंसर को यह सिग्नल मिलता है कि सीट बेल्ट लगी हुई है यानी ड्राइवर अपनी सीट पर मौजूद है। इसी भ्रम की वजह से कार 'पार्क' मोड में नहीं गई और वह क्रीप मोड के सहारे बिना ड्राइवर के आगे बढ़ती चली गई।

लेवल-2 ADAS और भ्रम की स्थिति

इस पूरी घटना के दौरान लोगों में यह गलतफहमी भी फैली कि शायद गाड़ी में दिए गए 'लेवल-2 ADAS' (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) की वजह से ऐसा हुआ। आपको बता दें कि कार का क्रीप मोड के कारण धीमी रफ्तार से आगे बढ़ना और सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम द्वारा खुद दिशा तय करना दो बिल्कुल अलग बातें हैं। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, लेवल-2 सिस्टम सिर्फ एक्सीलेरेशन, ब्रेकिंग और स्टीयरिंग में सहायता देने वाली एक तकनीक है, जिसका मतलब यह कतई नहीं है कि कार बिना ड्राइवर के पूरी तरह खुद सड़क पर दौड़ सकती है।

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ड्राइवर्स के लिए जरूरी सबक और सावधानियां

यह वायरल घटना आधुनिक इलेक्ट्रिक और ऑटोमैटिक कारों के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा सबक देती है। वाहन चालकों को निम्नलिखित सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए-

गाड़ी से बाहर निकलने से पहले केवल सीट बेल्ट या दरवाजों पर निर्भर न रहें। वाहन को पूरी तरह से 'पार्क' (Park) मोड में डालें और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक (EPB) का इस्तेमाल अवश्य करें।

एमजी विंडसर के मैनुअल में भी यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ड्राइवर के सीट से बाहर निकलने की स्थिति में पार्क या न्यूट्रल स्थिति और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक का सही चयन किया जाना चाहिए।

सीट बेल्ट की चेतावनी से बचने के लिए उसे सीट के पीछे से लगाकर उस पर बैठने की खतरनाक आदत से बचें। सीट बेल्ट का इस्तेमाल हमेशा अपने शरीर के सामने सही तरीके से करें, जैसा कि कंपनी के मैनुअल में भी चेतावनी दी गई है।

Location :  Ludhiana

Published :  18 September 2026, 12:25 PM IST