
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: दुनियाभर की ऑटो कंपनियां पिछले कुछ वर्षों से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर बड़ा निवेश कर रही हैं। इसी रुझान के बीच जापान की दिग्गज ऑटो कंपनी Honda को बड़ा झटका लगा है। ईवी बाजार में उम्मीद के मुताबिक मांग न बढ़ने के कारण कंपनी को 70 साल में पहली बार सालाना नुकसान का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 423 अरब येन का परिचालन नुकसान दर्ज किया है।
Honda ने इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया था, लेकिन बाजार में ईवी की मांग अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ी। कई देशों में ग्राहक अभी भी हाइब्रिड और पेट्रोल वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस वजह से कंपनी का पूरा ईवी निवेश अपेक्षित लाभ नहीं दे सका। अमेरिका में ईवी खरीद पर मिलने वाली टैक्स छूट खत्म होने और आयात शुल्क बढ़ने से भी बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ा।
Auto: 3 लाख सस्ती हुई ये लग्जरी SUV! अब ADAS, 7 एयरबैग और मसाज सीट्स के साथ मचा सकती है तहलका
ईवी बाजार में चीनी कंपनियों की सस्ती गाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना दिया है। वहीं अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में नीतिगत बदलावों ने भी Honda की मुश्किलें बढ़ाई हैं। रिपोर्ट के अनुसार बढ़ती लागत और बाजार की धीमी मांग ने कंपनी के ईवी रणनीति को प्रभावित किया है। ऐसे हालात में कंपनी को अपनी उत्पादन योजनाओं में बदलाव करना पड़ा है।
Honda ने बढ़ते नुकसान को देखते हुए अपनी रणनीति में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने कुछ ईवी उत्पादन लक्ष्यों में कटौती करने और कम कीमत वाले पुर्जों की सोर्सिंग बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही लागत को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि भविष्य में नुकसान को कम किया जा सके।
कंपनी अब अपनी रणनीति को फिर से संतुलित करने में जुट गई है। Honda ने संकेत दिया है कि वह हाइब्रिड वाहनों, मोटरसाइकिल कारोबार और वित्तीय सेवाओं पर अधिक ध्यान देगी। इसके साथ ही 2030 तक नई कार बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी के लक्ष्य और 2040 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक कंपनी बनने की योजना पर भी पुनर्विचार किया जा रहा है।
Auto News: SUV के दौर में भी सेडान की वापसी, जानें पिछले साल कितनी हुई इस कार की बिक्री
Honda ने भारत, जापान और उत्तरी अमेरिका को अपने प्रमुख विकास बाजारों में शामिल किया है। हालांकि कनाडा में ईवी और बैटरी उत्पादन से जुड़े कुछ प्रस्तावित निवेश को रोक दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक ऑटो बाजार में केवल ईवी पर निर्भर रहना कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
Honda का यह बड़ा नुकसान वैश्विक ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में कंपनियों को ग्राहकों की वास्तविक मांग को देखते हुए ईवी, हाइब्रिड और पारंपरिक वाहनों के बीच संतुलित रणनीति अपनानी होगी।
Location : New Delhi
Published : 5 June 2026, 9:45 AM IST