भारत की पहली कोऑपरेटिव कैब सर्विस Ola और Uber को टक्कर देने आ गई है। ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल, कोई कमीशन नहीं, 30% तक सस्ते किराए और इंश्योरेंस बेनिफिट्स के साथ, यह सर्विस दिल्ली-NCR में लॉन्च हो गई है।

भारत टैक्सी (Img Source: Google)
New Delhi: देश की कैब सर्विस इंडस्ट्री में 5 फरवरी, 2026 को एक बड़ा बदलाव आया, जब भारत की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस, 'भारत टैक्सी' को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया। इस सर्विस का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। फिलहाल यह ऐप दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च किया गया है और आने वाले महीनों में इसे मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और अन्य बड़े शहरों में चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह मॉडल ड्राइवरों की इनकम बढ़ाएगा और साथ ही यात्रियों को किफायती और पारदर्शी कैब सर्विस देगा।
अब तक कैब मार्केट पर ओला और उबर जैसी प्राइवेट कंपनियों का दबदबा रहा है। इन प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को 20 से 30 प्रतिशत कमीशन देना पड़ता है, जिससे उनकी कमाई पर असर पड़ता है। भारत टैक्सी का दावा है कि वह इस कमीशन सिस्टम को खत्म करेगा और ड्राइवरों को सीधा फायदा पहुंचाएगा। इस मॉडल में, ड्राइवर न सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर होंगे, बल्कि प्लेटफॉर्म के को-ओनर भी होंगे।
भारत टैक्सी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल है। जुड़ने वाले हर ड्राइवर को कोऑपरेटिव सोसाइटी के 5 शेयर दिए जाएंगे, जिससे वे ऑर्गनाइजेशन में हिस्सेदार बन जाएंगे। ड्राइवरों को सिर्फ एक मिनिमम मेंबरशिप फीस देनी होगी, जिसे वे रोजाना, साप्ताहिक या मासिक आधार पर दे सकते हैं। इससे छोटे और नए ड्राइवरों के लिए प्लेटफॉर्म से जुड़ना आसान हो जाएगा।
भारत टैक्सी का दावा है कि इसका किराया मौजूदा मार्केट रेट से लगभग 30 प्रतिशत कम होगा। सर्ज प्राइसिंग लागू नहीं होगी, जिसका मतलब है कि बारिश, ट्रैफिक या पीक आवर्स के दौरान भी किराया नहीं बढ़ेगा। यात्रियों को बुकिंग के समय पूरा किराया दिखेगा, जिससे कोई एक्स्ट्रा चार्ज या कन्फ्यूजन नहीं होगा।
इस ऐप पर यात्रियों के पास बाइक, ऑटो और कारों का ऑप्शन होगा। ड्राइवरों के लिए 5 लाख रुपये का एक्सीडेंट इंश्योरेंस और 5 लाख रुपये का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस भी शामिल किया गया है। अपने आधिकारिक लॉन्च से पहले ही, इस प्लेटफॉर्म ने 300,000 से ज़्यादा ड्राइवरों और 100,000 से ज़्यादा यूजर्स को आकर्षित किया है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारत टैक्सी अपने वादों पर खरा उतरता है, तो यह कैब इंडस्ट्री में एक नया बैलेंस ला सकता है। ड्राइवरों के लिए बेहतर कमाई और यात्रियों के लिए कम किराया इस मॉडल को लंबे समय तक टिकाऊ बना सकता है।