शोकसभा के दौरान गरजे लड़ाकू विमान: अमेरिका और ईरान के बीच खुली जंग, पूरी दुनिया पर मंडराया महा-महंगाई का संकट!

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनी के अंतिम संस्कार के बीच अमेरिका और ईरान में सीधी जंग छिड़ गई है। अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से महा-हमला किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 July 2026, 4:02 PM IST

Tehran: जब इतिहास के पन्नों पर शोक लिखा जा रहा हो और उसी पल आसमान में मिसाइलें गरजने लगें, तो समझ लीजिए दुनिया एक खतरनाक मोड़ पर खड़ी है। मध्य पूर्व से इस वक्त बेहद खौफनाक खबर आ रही है। राजधानी तेहरान में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनी के अंतिम संस्कार की रस्में चल रही थीं, जहां लाखों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। इसी दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हॉर्मोस स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों का जवाब देते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर दिए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए की गई है।

अमेरिका की इस कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान की 'इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स' (IRGC) ने विनाशकारी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया। ईरानी सेना का दावा है कि उन्होंने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस ऑपरेशन के तहत 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट से जुड़े ठिकाने और कुवैत का अली अल सलेम एयरबेस शामिल हैं। आईआरजीसी ने एक अमेरिकी एमक्यू (MQ) रीपर ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया है, हालांकि वाशिंगटन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

होर्मुज में महासंग्राम: अमेरिकी सेना के विनाशकारी हमले से ईरान में हाहाकार, 80 सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी से बढ़ा तनाव

इस महा-टकराव के बाद कुवैत और बहरीन में हाई अलर्ट घोषित कर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर इस्लामाबाद समझौते के उल्लंघन और तनाव बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह टकराव तुरंत नहीं रुका तो इसका खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ेगा। वैश्विक समुद्री व्यापार पहले ही इससे प्रभावित हो चुका है, जिसका सीधा असर भारत समेत कई विकासशील देशों में पेट्रोल, डीजल, गैस की कीमतों और रोजमर्रा की महंगाई के रूप में दिखने लगा है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें वाशिंगटन और तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं।

Location :  Tehran

Published :  8 July 2026, 4:02 PM IST