UP Assembly Election: भाजपा के गढ़ में सपा की सेंध, MLC चुनाव नतीजों ने बदले 2027 के चुनावी समीकरण

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के 11 सीटों के नतीजों ने राज्य की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। भाजपा के गढ़ माने जाने वाले वाराणसी, लखनऊ और आगरा जैसे क्षेत्रों में सपा की शानदार जीत ने सभी को चौंका दिया है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 29 October 2026, 7:30 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। 11 सीटों के मुकाबले में सपा ने कई ऐसे क्षेत्रों में जीत दर्ज की, जिन्हें भाजपा का मजबूत इलाका माना जाता रहा है। वाराणसी से लखनऊ और आगरा तक आए नतीजों ने दोनों दलों के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रणनीति पर विचार करने की चुनौती बढ़ा दी है।

11 सीटों के नतीजों में सपा और भाजपा के बीच मुकाबला

एमएलसी चुनाव में भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 11 सीटों में से पांच पर सपा और छह पर भाजपा ने जीत दर्ज की। सपा ने वाराणसी, लखनऊ, आगरा और इलाहाबाद जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इन नतीजों ने संकेत दिया कि स्थानीय चुनावों में मुकाबला केवल पारंपरिक राजनीतिक गढ़ों तक सीमित नहीं रह गया है।

प्रधानमंत्री मोदी के गढ़ वाराणसी में सपा की जीत

वाराणसी के नतीजे इस चुनाव में खास चर्चा का विषय बने। यहां सपा ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सपा की इस सफलता को पार्टी अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ने के संकेत के तौर पर पेश कर रही है। सपा नेताओं का कहना है कि वाराणसी के नतीजे आगामी विधानसभा चुनाव की तस्वीर का केवल एक हिस्सा हैं। पार्टी का दावा है कि आने वाले समय में वह प्रदेश में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

इन सवालों पर अपने संवाददाताओं और राजनीतिक विश्लेषक के साथ चर्चा की गई। जिसमें स्टूडियो पैनल में एग्जीक्यूटिव एडिटर सुभाष रतूड़ी, राजनीतिक विश्लेषक कोमल चौहान, लखनऊ से रोहित पांडे, प्रयागराज से आनंद ओझा औरआगरा से बृज किशोर शर्मा जुड़े।

Location :  Lucknow

Published :  29 October 2026, 7:30 PM IST