UP Assembly Election 2027: कन्नौज-मैनपुरी छोड़ राहुल के गढ़ से अखिलेश ने क्यों किया चुनावी शंखनाद? यूपी की सियासत लेगी करवट

समाजवादी पार्टी ने रायबरेली से PDA रथ यात्रा शुरू कर चुनावी अभियान को रफ्तार दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने अभियान की शुरुआत के लिए कन्नौज या मैनपुरी जैसे पार्टी के मजबूत क्षेत्रों के बजाय रायबरेली को ही क्यों चुना?

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 25 September 2026, 7:51 PM IST

New Delhi: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। लेकिन सवाल यह है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने अभियान की शुरुआत के लिए कन्नौज या मैनपुरी जैसे पार्टी के मजबूत क्षेत्रों के बजाय रायबरेली को ही क्यों चुना? कांग्रेस के प्रभाव वाले इस क्षेत्र से निकली यात्रा ने सपा-कांग्रेस गठबंधन और सीट बंटवारे की चर्चा को भी फिर हवा दे दी है। इसी मुद्दे पर डाइनामाइट न्यूज़ के कार्यक्रम 'जनादेश उत्तर प्रदेश' में विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में डाइनामाइट न्यूज़ के एग्जीक्यूटिव एडिटर सुभाष रतूड़ी, राजनीतिक विशेषज्ञ कोमल चौहान और यूपी चुनाव कवरेज से जुड़े संवाददाता सीपी सिंह कन्नौज से , रविन्द्र सिंह रायबरेली से, सूर्यभान द्विवेदी अमेठी से, दर्शन कुमार साहू सुल्तानपुर से शामिल हुए।

चर्चा के केंद्र में रायबरेली से चुनावी अभियान शुरू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल सपा-कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर रहा। दोनों दल 2024 के लोकसभा चुनाव में साथ रहे थे और अब विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

रायबरेली का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यहां सपा अपने संगठन और विधानसभा मौजूदगी का दावा कर सकती है, जबकि कांग्रेस के लिए यह राहुल गांधी के लोकसभा क्षेत्र के कारण विशेष राजनीतिक महत्व रखता है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में दोनों दल गठबंधन को किस रूप में आगे बढ़ाते हैं और सीटों के बंटवारे पर क्या तस्वीर सामने आती है।

Location :  New Delhi

Published :  25 September 2026, 7:31 PM IST