Video: कहां छुपी कहां रुकी? नेपाल, रायबरेली, लखनऊ और आगरा! श्रद्धा दुबे की फरारी की पूरी कहानी

शिवा शर्मा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार हुई। नेपाल, रायबरेली, लखनऊ और आगरा से होते हुए उसकी फरारी की पूरी कहानी जानिए।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 21 October 2026, 9:44 AM IST

लखनऊ: शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को 20 अक्टूबर की शाम नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। यूपी पुलिस, एसटीएफ और नागपुर पुलिस के संयुक्त प्रयास से हुई इस गिरफ्तारी के बाद उसे लखनऊ लाया जा रहा है। संभावना है कि बुधवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही श्रद्धा फरार थी। जांच के दौरान सामने आई जानकारियों के मुताबिक, उसने नेपाल से लेकर उत्तर प्रदेश और फिर महाराष्ट्र तक कई ठिकाने बदले। पुलिस अब उसकी फरारी के दौरान मदद करने वाले संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।

9 अक्टूबर को फ्लैट में हुई थी शिवा शर्मा की मौत

शिवा शर्मा की मौत की खबर 9 अक्टूबर की रात सामने आई थी। घटना उसी के फ्लैट में हुई थी। इसके अगले दिन, 10 अक्टूबर को शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। इसमें श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद श्रद्धा पुलिस की पकड़ से बाहर हो गई। जांच के दौरान उसकी गाड़ी बहराइच के रुपईडीहा इलाके में लावारिस हालत में मिली। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए जांच तेज की।

नेपाल में ड्राइवर के आधार कार्ड से बुक किया होटल

जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, 11 अक्टूबर को श्रद्धा नेपाल के महिमनगर में ई-रिक्शा पर दिखाई दी थी। इस दौरान उसके साथ उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर भी नजर आए। सीसीटीवी फुटेज में तीनों की मौजूदगी सामने आई थी।

बताया गया कि तीनों ने वहां एक सस्ता होटल चुना था। होटल में कमरा बुक कराने के लिए ड्राइवर ने अपना आधार कार्ड दिया। तीनों ने एक ही कमरे में रात बिताई। पुलिस की जांच में यह पड़ाव श्रद्धा की फरारी के दौरान सामने आया शुरुआती ठिकाना बताया जा रहा है।

नेपाल के दांग जिले में खुला फोन, फिर बदली लोकेशन

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश के मुताबिक, महिमनगर से निकलने के अगले दिन श्रद्धा नेपाल के दांग जिले पहुंची थी। वहां उसने कुछ समय के लिए अपना फोन चालू किया, लेकिन थोड़ी देर बाद उसे बंद कर दिया।

इसके बाद उसने नेपाल की सिम के जरिए कुछ लोगों से संपर्क किया। फोन चालू होने के दौरान मिली लोकेशन पुलिस की जांच में अहम साबित हुई। हालांकि, अगले दिन श्रद्धा ने वह ठिकाना छोड़ दिया।

बताया गया कि 15 अक्टूबर को वह नेपाल से निकलकर कुशीनगर के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई। इसके बाद उसने लगातार अपने ठिकाने बदले, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना रहा।

रायबरेली में बदली गाड़ी, फिर पहुंची लखनऊ

जानकारी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को श्रद्धा रायबरेली पहुंची। वहां उसने बस स्टेशन पर उस गाड़ी को छोड़ दिया, जिससे वह नेपाल से आई थी। इसके बाद दूसरी टैक्सी से सारस तिराहा पहुंची और वहां से किराये पर आर्टिगा कार बुक की।

बताया जाता है कि श्रद्धा रायबरेली में एक सट्टा कारोबारी से मिलने गई थी। हालांकि, इस मुलाकात से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में संबंधित व्यक्ति की भूमिका जांच का विषय है। मुलाकात के बाद वह रात करीब 12 बजे लखनऊ पहुंची।

लखनऊ में श्रद्धा ने एक न्यूज एजेंसी को बाइट भी दी। इसी दौरान उसने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की। इसके बाद वह फिर से लापता हो गई।

आगरा के होटल में बुर्का पहने दिखी श्रद्धा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ से निकलने के बाद श्रद्धा आगरा पहुंची और वहां ओम पैलेस होटल में करीब 24 घंटे तक रुकी। इस दौरान उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश भी उसके साथ थे।

बताया गया कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए श्रद्धा अलग-अलग जगहों पर बुर्का पहनती थी। आगरा के होटल से सामने आए सीसीटीवी फुटेज में भी बुर्का पहने एक महिला दिखाई दी, जिसकी पहचान श्रद्धा के रूप में बताई गई।

आगरा में रुकने के बाद तीनों महाराष्ट्र के नागपुर के लिए रवाना हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस दौरान उन्होंने सामान्य मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया। जांच में एक अलग फोन के जरिए कुछ लोगों से संपर्क किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

नागपुर में गिरफ्तारी, मददगारों की भूमिका की भी जांच संभव

श्रद्धा दुबे को 20 अक्टूबर की शाम नागपुर से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में यूपी पुलिस, एसटीएफ और नागपुर पुलिस ने मिलकर काम किया। गिरफ्तारी के बाद उसे लखनऊ लाया जा रहा है और बुधवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना जताई गई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरारी के दौरान श्रद्धा के संपर्क में कुछ अन्य लोग भी हो सकते हैं, जो उसे सलाह या मदद दे रहे थे। हालांकि, इन लोगों की पहचान, उनकी भूमिका और कथित मदद की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

अब जांच में श्रद्धा की फरारी के दौरान उसके ठिकानों, संपर्कों और संभावित मददगारों से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जा सकता है। शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपों की सच्चाई और संबंधित लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Location :  Lucknow

Published :  21 October 2026, 9:43 AM IST