
Uttarakhand: मसूरी में लगातार हो रही बारिश ने आखिरकार कहर बरपा ही दिया। शनिवार को तेज़ बारिश के चलते मसूरी के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर बड़ा भूस्खलन हो गया। इस हादसे में एक होटल की सुरक्षा दीवार ढह गई और पूरा मार्ग मलबे से भर गया। 15 घंटे बीत जाने के बाद भी यह रास्ता अब तक बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र राणा ने इस हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मसूरी में लगातार अवैध निर्माण और खनन जारी है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने कहा, “हर साल बारिश के समय यही हाल होता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता।”
भूस्खलन के कारण कई वाहनों को वापस लौटना पड़ा और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। राहत और बचाव दल मौके पर तो पहुंचा, लेकिन मलबा हटाने में देरी के कारण गाड़ियों की कतारें लग गईं।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में अनियंत्रित निर्माण कार्य और पेड़ों की कटाई ने पहाड़ों की प्राकृतिक संरचना को कमजोर कर दिया है। यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो मसूरी जैसे पर्यटन स्थल जल्द ही प्राकृतिक आपदाओं का केंद्र बन सकते हैं।
Uttarakhand: मसूरी में लगातार हो रही बारिश ने आखिरकार कहर बरपा ही दिया। शनिवार को तेज़ बारिश के चलते मसूरी के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर बड़ा भूस्खलन हो गया। इस हादसे में एक होटल की सुरक्षा दीवार ढह गई और पूरा मार्ग मलबे से भर गया। 15 घंटे बीत जाने के बाद भी यह रास्ता अब तक बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र राणा ने इस हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मसूरी में लगातार अवैध निर्माण और खनन जारी है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने कहा, “हर साल बारिश के समय यही हाल होता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता।”
भूस्खलन के कारण कई वाहनों को वापस लौटना पड़ा और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। राहत और बचाव दल मौके पर तो पहुंचा, लेकिन मलबा हटाने में देरी के कारण गाड़ियों की कतारें लग गईं।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में अनियंत्रित निर्माण कार्य और पेड़ों की कटाई ने पहाड़ों की प्राकृतिक संरचना को कमजोर कर दिया है। यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो मसूरी जैसे पर्यटन स्थल जल्द ही प्राकृतिक आपदाओं का केंद्र बन सकते हैं।
Location : Uttarakhand
Published : 7 August 2025, 9:00 AM IST
Topics : illegal construction Motilal Nehru Marg closed Mussoorie landslide 2025 Mussoorie rain Uttarakhand landslide